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अरविंद कुमार शर्मा की अग्नि परीक्षा ब्राह्मणों को एकजुट करना

ब्राह्मणों को एकजुट करना अरविंद कुमार शर्मा की अग्नि परीक्षा उत्तर प्रदेश में चुनाव चुनावी शंख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही बज चुका है.  ऐसे में चुनावी समीकरण और गठजोड़ का खेल शुरू भी शुरू हो चुका है इस बार की राजनीति मैं ब्राह्मण और ओबीसी वोट बैंक केंद्र में है.  उत्तर प्रदेश के प्रमुख दल भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इन दोनों वोट बैंक को अपनी तरफ लुभाने में लग चुके हैं.  मायावती ने ब्राह्मणों को लुभाने के लिए अपनी चाल चल दी है उन्होंने 23 जुलाई से पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रबुद्ध वर्ग संगोष्ठी ब्राह्मण सम्मेलन शुरू करवा दिया है पहला सम्मेलन अयोध्या में श्री राम लला के दर्शन के साथ शुरू हुआ.  इसके बाद से विरोधी पार्टियों की नींद उड़ गई है कल तक बसपा को नंबर 4 की पार्टी समझा जा रहा था और वह किसी भी गिनती में नहीं थी आज वही पार्टी प्रतिद्वंदी के रूप में सामने खड़ी है.  भारतीय जनता पार्टी ने ब्राह्मणों को साधने के लिए अपने सबसे कंट्रोवर्सी विवादास्पद व्यक्...

चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति चाहिए

साथियों  कोरोना महामारी ने अपने चिकित्सा तंत्र और उसको लेकर सिस्टम की गंभीरता को पूरी दुनिया के सामने खोल कर रख दिया है हम सभी जानते हैं कि हम चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सीमित संसाधनों के साथ जीवन जीने की कोशिश करते चले आ रहे हैं इसके ऊपर आजादी के बाद से लेकर अब तक उतना काम नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था हां काम कुछ अलग ही विषयों पर हुआ है जैसे कि जात बिरादरी पर हुआ है,  तेरा धर्म-उसका धर्म हुआ है और अन्य फिजूल के सामाजिक संगठनों के गठन पर हुआ है,  जिनका उद्देश्य सिर्फ अपना राजनीतिक हित साधना रहा है.   जिसकी वजह से समाज के लिए जो होना चाहिए था वह पूरी तरह से नहीं हो पाया.  आज हम अपने समाज को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.  मेरा मानना है अब यह एक ऐसा वक्त है जब हमें चिकित्सा के क्षेत्र में भी क्रांति की आवश्यकता है हमने जय जवान जय किसान भी देखा, हमने दूध की क्रांति भी देखी,  हमने अलग क्षेत्रों में कुछ क्रांतियां देखी है लेकिन अब हमें चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति की आवश्यकता है क्योंकि आने वाला समय वायरस जनित बीमारियों का है इसलिए क्रांति का अ...

गाजियाबाद में करणी सेना का आगाज और वंदना सिंह

. अजय शर्मा की कलम से  तांडव फिल्म वेब सीरीज पर करणी सेना ने पूरे देश में अपना विरोध प्रदर्शन किया। राष्टीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने फिल्म को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया कि संगठन हिन्दू धर्म और संस्कृति का अपमान सहन नहीं करेगा।  लेकिन सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात है कि करणी सेना ने उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। काफी जिलों से खबरें आई हैं लेकिन गाजियाबाद में हुआ विरोध प्रदर्शन विमर्श का विषय है। गाजियाबाद में इसकी कमान जिला अध्यक्ष महिला शक्ति वंदना सिंह के हाथ में थी। जिला अध्यक्ष विवेक तोमर शहर से बाहर थे। ऐसे में वंदना सिंह ने संगठनात्मक कार्यकुशलता का जो परिचय दिया है वह काबिले तारिफ है।  मैं आपको यहां पर एक बार फिर से याद दिलाना चाहता हूं जब दिसंबर के महीने में करणी सेना की कार्यसमिति की बैठक यहां पर हुई थी। तब यह बात मैंने कही थी कि गाजियाबाद में करणी सेना की धमक आने वाले समय में सुनाई देगी। अब उसका आगाज हो चुका है। जिस तरह करणी सेना ने तांडव फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है वह बताने के लिए काफी है कि सामाजिक परिवर्तन की एक नई बयार शुरू हो चु...

गाजियाबाद से करणी सेना की धमक कहां तक ​​सुनी गई

अजय शर्मा की कलम से  गाजियाबाद में करणी सेना की धमक से कुछ सवाल पैदा हो रहे हैं कि राष्टीय कार्यसमिति की बैठक के लिए गाजियाबाद में मैंने क्यों चुना। इसके राजनीतिक मायने क्या हैं। यहाँ करणी सेना कौन सी सी जमीन बना रही है। करणी सेना की इस धमक को कहां तक ​​महसूस किया जाएगा।   करणी सेना ने गाजियाबाद में अपनी कार्यसमिति की बैठक आयोजित की। जिसमें पूरे देश से उसके 22 प्रदेश अध्यक्ष और राष्टीय पदाधिकारी शामिल हुए। करणी सेना के संस्थापक और राष्टीय अध्यक्ष सूरजपाल अक्षित ने अपनी पूरी ताकत दिखाई। करणी सेना ने अपने सदस्यों की संख्या 25 लाख बताई। जो दिन रात हिन्दुत्व, सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा की लड़ाई लड़ रही है। सूरजपाल अब्दुल कहते हैं कि हम सिर्फ राजपूतों का संगठन नहीं हैं, बल्कि हिन्दुत्व की मशाल जलाए रखने वाले एक उर्जावन संगठन हैं। सूरजपाल अस्था के संबोधन में भीम आर्मी, मायावती, अखिलेश यादव, औवेसी, ओमप्रकाश राजभर और ममता बनर्जी टारगेट पर बने रहे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनी संचार में प्रधानमंत्री का संबोधन और उसकी खत्म हो चुकी लीज भी करणी सेना के अध्यक्ष के संबोधन की भागीदारी रही ह...

कोरोना का कहर इन देशों पर सबसे ज्यादा

भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में कोरोना अपना असर दिखा रहा है। जानें क्या है देशों का कोरोना से हाल ... पूरी दुनिया में कोरोना अपना विकराल रूप ले चुका है। इस वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिका में तो 1 दिन के अंदर 1480 लोगों की मौत हो गई है जो अभी तक एक दिन के अंदर होने वाली सबसे ज्यादा मौते हैं। कोरोना से मौत का ये आंकड़ा गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार शाम (भारतीय समयानुसार) तक है। इससे पहले वहां अभी तक एक दिन में मरने वालों की संख्या 1169 थी। कोरोना से अब तक अमेरिका में 1,121,991 मामले सामने आए हैं तो वहीं 59,403 लोगों की मौत हो गई है।अमेरिका की सरकार लगातार इस कहर से लोगों को बचाने के लिए कदम उठा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नागरिकों को सलाह दी है कि वह बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें। ।।। न्यूजीलैंड इसी तरह बात करें न्यूजीलैंड की तो वहां भी वायरस का कहर देखने को मिल रहा है। न्यूजीलैंड में इस वायरस से  संक्रमितों की संख्या 950 है वहीं 1 की मौत हुई है। बता दें, न्यूजीलैंड ने कोरोना के चलते इस महीने के आखिर में श्रीलंका दौर...

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आभा की रिपोर्ट

 दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार 21 जनवरी को जो  वीडियो भेजे गए हैं उसकी समीक्षात्मक रिपोर्ट 1.  बादली रैली के लिए कुछ वीडियो भेजे गए हैं जिसमें किसी भी व्यक्ति की बाइट नहीं है.  सिर्फ  विजुअल हैं और उनका भी स्तर अच्छा नहीं है.  2.  इस रैली में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं मंडल स्तर से लेकर विधानसभा स्तर के कांग्रेसी पदाधिकारियों की वाइट ली जा सकती थी लेकिन नहीं ली गई.  3. इस रैली का नेतृत्व कौन-कौन लोग कर रहे थे उनकी बाइट ली जा सकती थी.  4.  जहां-जहां से रैली गुजरी वहां के दर्शक या फिर स्थानीय नागरिकों की बाइट क्यों नहीं ली गई.  5. रैली के दौरान दिल्ली पुलिस की क्या व्यवस्था थी.  6.  इस रैली की  स्क्रिप्ट क्यों नहीं भेजी गई और ना ही इनफॉर्मेटिव डिटेल भेजी गई है.  7.  रिपोर्टिंग टीम की तरफ से कोई भी ओपनिंग, क्लोजिंग और स्टोरी को लिंक करते हुए पीटीसी नहीं इस्तेमाल की गई हैं.  8.   इस रैली के ऊपर आप पार्टी और बीजेपी पार्टी का भी रिएक्शन ले लेना चाहिए था.  लेकिन ऐसा नहीं हुआ.  9. यदि आ...

विधानसभा चुनाव दिल्ली

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020  कवर करने के लिए कुछ बिंदुवार 1. तीनों मुख्य उम्मीदवारों का जीवन परिचय जिसमें सामाजिक राजनीतिक जीवन यात्रा शामिल हो(  भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, कॉन्ग्रेस एवं निर्दलीय)  2. विधानसभा क्षेत्र से कुल उम्मीदवारों की संख्या 3. विधानसभा क्षेत्र के मुख्य चुनावी मुद्दे 4.  कुल मतदाताओं की संख्या (महिला एवं पुरुष का आंकड़ा अलग-अलग)  5.  कितने प्रतिशत मतदान या फिर वोटों पर उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित मानी जा सकती है इसका उल्लेख करें 6. विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण क्या है 7.  विधानसभा किस मुख्य वजह से चर्चा का केंद्र रहती है 8. विधानसभा क्षेत्र में कुल स्कूलों की संख्या सरकारी एवं गैर सरकारी 9. विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला क्लीनिक की संख्या 10. विधानसभा क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों की संख्या 11.विधानसभा क्षेत्र में कौन सा थाना लगता है और कितनी पुलिस पिकेट है 12.  विधानसभा क्षेत्र के मुख्य बाजार 13.  विधानसभा क्षेत्र के सार्वजनिक सुविधाओं का ब्यौरा 14. विधानसभा क्षेत्र के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की क्या सुविधा है....