Skip to main content

गाजियाबाद में करणी सेना का आगाज और वंदना सिंह

.
अजय शर्मा की कलम से 


तांडव फिल्म वेब सीरीज पर करणी सेना ने पूरे देश में अपना विरोध प्रदर्शन किया। राष्टीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने फिल्म को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया कि संगठन हिन्दू धर्म और संस्कृति का अपमान सहन नहीं करेगा। 
लेकिन सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात है कि करणी सेना ने उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। काफी जिलों से खबरें आई हैं लेकिन गाजियाबाद में हुआ विरोध प्रदर्शन विमर्श का विषय है। गाजियाबाद में इसकी कमान जिला अध्यक्ष महिला शक्ति वंदना सिंह के हाथ में थी। जिला अध्यक्ष विवेक तोमर शहर से बाहर थे। ऐसे में वंदना सिंह ने संगठनात्मक कार्यकुशलता का जो परिचय दिया है वह काबिले तारिफ है। 

मैं आपको यहां पर एक बार फिर से याद दिलाना चाहता हूं जब दिसंबर के महीने में करणी सेना की कार्यसमिति की बैठक यहां पर हुई थी। तब यह बात मैंने कही थी कि गाजियाबाद में करणी सेना की धमक आने वाले समय में सुनाई देगी। अब उसका आगाज हो चुका है। जिस तरह करणी सेना ने तांडव फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है वह बताने के लिए काफी है कि सामाजिक परिवर्तन की एक नई बयार शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में कुछ ऐसे मुददे गाजियाबाद और यूपी में देखने के लिए मिलेंगे जो राजनीतिक विमर्श का भी मुददा बनेगे। करणी सेना को यूपी में हल्के में लेना या फिर नजरअंदाज करना सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए चूक हो सकती है। इसलिए तैयार हो जाइए करणी सेना के सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर आवाज सुनने के लिए। 

Comments

Popular posts from this blog

बदहाल साहिबाबाद रेलवे स्टेशन

साहिबाबाद रेलवे स्टेशन दिल्ली के नजदीक होने के कारण काफी व्यस्त रहता है। यहां 98 पैंसेजर ट्रेन और 16 एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज़ हैं। जिनसे लगभग 50 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। यही रेलवे स्टेशन अनियमिताओं का शिकार है। पूरे परिसर में गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात है। बंदरों के आतंक से भी यह स्टेशन अछूता नहीं है। टिकट खिड़की परिसर में लगी हुई दोनों एटीवीएम मशीनें महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इस परिसर में तीन टिकट खिड़की हैं और एक पूछताछ कार्यालय है। जिसमें से अक्सर दो बंद ही रहती हैं। जिसके चलते यात्रियों को होने वाली असुविधाओं के बारे में जब स्टेशन मास्टर नरेश मलिक से बात की गई तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपना दामन बचाने की कोशिश की। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन मास्टर नरेश मलिक ने बताया कि कर्मचारियों की कमी हैं। मैं उनसे कहां तक काम करवाउं। पेयजल की बाधित व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यह इंजीनियरिंग विभाग का काम है। इसके बारे में आप इस विभाग से बात करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विभाग आपके आदेश के अधीन नहीं हैं तो उन्होंने चुप्पी साध ली। रेलवे स्टेशन पर ...

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिंदुत्व का कार्ड वर्सेस समाजवादी विकास कार्ड

अजय शर्मा वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश की सियासत में मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि और शाही मस्जिद को लेकर केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट के ऊपर संभल के सांसद और सपा नेता रहमान के बयान ने सियासी तड़का लगा दिया है.  सहारनपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह मैं अपनी रैली में जो कहा है वह अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि सहारनपुर में शाकुंभरी देवी के नाम पर विश्वविद्यालय बनेगा।  इससे उत्तर प्रदेश की सियासत में ध्रुवीकरण की संभावनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई है केशव प्रसाद मौर्य अपने बयान पर कायम है बीजेपी के प्रवक्ता हिंदुत्व और विकास की राजनीति की बात कर रहे हैं जिससे यह साफ हो गया है कि अब उत्तर प्रदेश की सियासत में कृष्ण जन्मभूमि ही चुनावी मुद्दा रहेगा.  आपको मैं यहां पर बता दूं जब पीवी नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे उस वक्त की सरकार ने वरशिप एक्ट 1991 मैं पास किया था। साल 1991 में रामजन्मभूमि आंदोलन चरम पर था. उस दौरान अयोध्या के साथ ही तमाम मंदिर-मस्जिद विवाद उठने लगे थे. ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की स...

नए साल की शुभकामनाएं

 नए साल के अवसर पर आपको शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव बहुत ही चुनौती वाला है.  क्योंकि कोशिश जब यह होती है आपको जीवन भर की खुशियां, प्यार, स्नेह, सफलता और  यह दुनिया आपके कदमों में झुके.  जब जीवन की आकांक्षा हो कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहे, आपके होठों पर हमेशा मुस्कुराहट खिलती रहे, आंखों में खुशियों की चमक हो.  जब आप  उसके कोमल दिल पर, उसके नव युवती जैसे अल्हड़पन पर, कभी घरेलू लड़की जैसी सादगी पर, रानी जैसे वैभवशाली व्यक्तित्व पर, उसकी दिलकश आवाज पर, उसकी ऐसी खूबसूरत आंखों पर जो अपने आप से रिश्ता कायम कर लेती है. जिस पर आप पहली मुलाकात में ही फिदा हो गए हो,  जिसका दुख, संघर्ष, तकलीफें, दर्द  आपको अंदर तक झकझोर देता हो, यह सब कुछ आपको अपना लगता हो और आप उसकी खुशी के लिए प्रार्थनाएं करते हो. उसकी चेहरे की मुस्कुराहट देखकर आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती हो.   ऐसी शख्सियत को नववर्ष की शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव चुनौतीपूर्ण हो जाता है.   ऐसे में बहुत ही सादगी से कहने का मन करता है यह नया साल आपके लिए सभी खुशियां...