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गाजियाबाद से करणी सेना की धमक कहां तक ​​सुनी गई

अजय शर्मा की कलम से  गाजियाबाद में करणी सेना की धमक से कुछ सवाल पैदा हो रहे हैं कि राष्टीय कार्यसमिति की बैठक के लिए गाजियाबाद में मैंने क्यों चुना। इसके राजनीतिक मायने क्या हैं। यहाँ करणी सेना कौन सी सी जमीन बना रही है। करणी सेना की इस धमक को कहां तक ​​महसूस किया जाएगा।   करणी सेना ने गाजियाबाद में अपनी कार्यसमिति की बैठक आयोजित की। जिसमें पूरे देश से उसके 22 प्रदेश अध्यक्ष और राष्टीय पदाधिकारी शामिल हुए। करणी सेना के संस्थापक और राष्टीय अध्यक्ष सूरजपाल अक्षित ने अपनी पूरी ताकत दिखाई। करणी सेना ने अपने सदस्यों की संख्या 25 लाख बताई। जो दिन रात हिन्दुत्व, सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा की लड़ाई लड़ रही है। सूरजपाल अब्दुल कहते हैं कि हम सिर्फ राजपूतों का संगठन नहीं हैं, बल्कि हिन्दुत्व की मशाल जलाए रखने वाले एक उर्जावन संगठन हैं। सूरजपाल अस्था के संबोधन में भीम आर्मी, मायावती, अखिलेश यादव, औवेसी, ओमप्रकाश राजभर और ममता बनर्जी टारगेट पर बने रहे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनी संचार में प्रधानमंत्री का संबोधन और उसकी खत्म हो चुकी लीज भी करणी सेना के अध्यक्ष के संबोधन की भागीदारी रही ह...

कोरोना का कहर इन देशों पर सबसे ज्यादा

भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में कोरोना अपना असर दिखा रहा है। जानें क्या है देशों का कोरोना से हाल ... पूरी दुनिया में कोरोना अपना विकराल रूप ले चुका है। इस वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिका में तो 1 दिन के अंदर 1480 लोगों की मौत हो गई है जो अभी तक एक दिन के अंदर होने वाली सबसे ज्यादा मौते हैं। कोरोना से मौत का ये आंकड़ा गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार शाम (भारतीय समयानुसार) तक है। इससे पहले वहां अभी तक एक दिन में मरने वालों की संख्या 1169 थी। कोरोना से अब तक अमेरिका में 1,121,991 मामले सामने आए हैं तो वहीं 59,403 लोगों की मौत हो गई है।अमेरिका की सरकार लगातार इस कहर से लोगों को बचाने के लिए कदम उठा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नागरिकों को सलाह दी है कि वह बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें। ।।। न्यूजीलैंड इसी तरह बात करें न्यूजीलैंड की तो वहां भी वायरस का कहर देखने को मिल रहा है। न्यूजीलैंड में इस वायरस से  संक्रमितों की संख्या 950 है वहीं 1 की मौत हुई है। बता दें, न्यूजीलैंड ने कोरोना के चलते इस महीने के आखिर में श्रीलंका दौर...

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आभा की रिपोर्ट

 दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार 21 जनवरी को जो  वीडियो भेजे गए हैं उसकी समीक्षात्मक रिपोर्ट 1.  बादली रैली के लिए कुछ वीडियो भेजे गए हैं जिसमें किसी भी व्यक्ति की बाइट नहीं है.  सिर्फ  विजुअल हैं और उनका भी स्तर अच्छा नहीं है.  2.  इस रैली में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं मंडल स्तर से लेकर विधानसभा स्तर के कांग्रेसी पदाधिकारियों की वाइट ली जा सकती थी लेकिन नहीं ली गई.  3. इस रैली का नेतृत्व कौन-कौन लोग कर रहे थे उनकी बाइट ली जा सकती थी.  4.  जहां-जहां से रैली गुजरी वहां के दर्शक या फिर स्थानीय नागरिकों की बाइट क्यों नहीं ली गई.  5. रैली के दौरान दिल्ली पुलिस की क्या व्यवस्था थी.  6.  इस रैली की  स्क्रिप्ट क्यों नहीं भेजी गई और ना ही इनफॉर्मेटिव डिटेल भेजी गई है.  7.  रिपोर्टिंग टीम की तरफ से कोई भी ओपनिंग, क्लोजिंग और स्टोरी को लिंक करते हुए पीटीसी नहीं इस्तेमाल की गई हैं.  8.   इस रैली के ऊपर आप पार्टी और बीजेपी पार्टी का भी रिएक्शन ले लेना चाहिए था.  लेकिन ऐसा नहीं हुआ.  9. यदि आ...

विधानसभा चुनाव दिल्ली

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020  कवर करने के लिए कुछ बिंदुवार 1. तीनों मुख्य उम्मीदवारों का जीवन परिचय जिसमें सामाजिक राजनीतिक जीवन यात्रा शामिल हो(  भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, कॉन्ग्रेस एवं निर्दलीय)  2. विधानसभा क्षेत्र से कुल उम्मीदवारों की संख्या 3. विधानसभा क्षेत्र के मुख्य चुनावी मुद्दे 4.  कुल मतदाताओं की संख्या (महिला एवं पुरुष का आंकड़ा अलग-अलग)  5.  कितने प्रतिशत मतदान या फिर वोटों पर उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित मानी जा सकती है इसका उल्लेख करें 6. विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण क्या है 7.  विधानसभा किस मुख्य वजह से चर्चा का केंद्र रहती है 8. विधानसभा क्षेत्र में कुल स्कूलों की संख्या सरकारी एवं गैर सरकारी 9. विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला क्लीनिक की संख्या 10. विधानसभा क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों की संख्या 11.विधानसभा क्षेत्र में कौन सा थाना लगता है और कितनी पुलिस पिकेट है 12.  विधानसभा क्षेत्र के मुख्य बाजार 13.  विधानसभा क्षेत्र के सार्वजनिक सुविधाओं का ब्यौरा 14. विधानसभा क्षेत्र के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की क्या सुविधा है....

नए साल की शुभकामनाएं

 नए साल के अवसर पर आपको शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव बहुत ही चुनौती वाला है.  क्योंकि कोशिश जब यह होती है आपको जीवन भर की खुशियां, प्यार, स्नेह, सफलता और  यह दुनिया आपके कदमों में झुके.  जब जीवन की आकांक्षा हो कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहे, आपके होठों पर हमेशा मुस्कुराहट खिलती रहे, आंखों में खुशियों की चमक हो.  जब आप  उसके कोमल दिल पर, उसके नव युवती जैसे अल्हड़पन पर, कभी घरेलू लड़की जैसी सादगी पर, रानी जैसे वैभवशाली व्यक्तित्व पर, उसकी दिलकश आवाज पर, उसकी ऐसी खूबसूरत आंखों पर जो अपने आप से रिश्ता कायम कर लेती है. जिस पर आप पहली मुलाकात में ही फिदा हो गए हो,  जिसका दुख, संघर्ष, तकलीफें, दर्द  आपको अंदर तक झकझोर देता हो, यह सब कुछ आपको अपना लगता हो और आप उसकी खुशी के लिए प्रार्थनाएं करते हो. उसकी चेहरे की मुस्कुराहट देखकर आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती हो.   ऐसी शख्सियत को नववर्ष की शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव चुनौतीपूर्ण हो जाता है.   ऐसे में बहुत ही सादगी से कहने का मन करता है यह नया साल आपके लिए सभी खुशियां...

दांपत्य जीवन की गोल्डन जुबली की बधाइयां

सुखी दांपत्य जीवन की गोल्डन जुबली  बुद्धिमान,  प्रतिभाशाली, धैर्यवान, विवेकशील,  कर्म योगी, बुद्धिजीवी,  साहित्य एवं कला प्रेमी,  दूरदर्शी,  अपने विषय के प्रकांड पंडित, समाज रत्न एवं युवाओं के मार्गदर्शक  आदरणीय श्री  विनोद अरोड़ा जी एवं जीवन के हर संघर्ष में उनकी जीवनसाथी,  अर्धांगिनी श्रीमती कांता देवी अरोड़ा  जी को उनके सुखी एवं खुशहाल दांपत्य जीवन की 50 वीं वर्षगांठ के शुभ अवसर पर हृदय की गहराइयों से बधाइयां. आपका जीवन समस्त खत्री समाज के लिए प्रेरणादायक है.  आप जैसे प्रेरणा स्रोत युगल दंपत्ति को बधाइयां देते हुए हम अपने आप को बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.  खत्री समाज के साथ-साथ अन्य समाज के लिए भी आपने समाज सेवा में कीर्तिमान स्थापित किए हैं और लोगों को प्रेरणा दी है.  जिसकी वजह से आप समस्त सभ्य समाज के प्रिय व्यक्तित्व है. आपका कांतिवान विराट व्यक्तित्व समस्त समाज को अभिभूत करता है.  आज भी प्रतिदिन कुछ नया नई बात नया अनुभव सीखने की एक तीव्र भावना आपके हृदय में विद्यमान है आपकी जीवनशैली बेहतर जीवन के रास्त...

बलात्कार बढ़ने के मुख्य कारण

अपने देश में बलात्कार के बढ़ने की घटनाओं के कारणों को यदि समझने की कोशिश की जाए तो इसकी मूल में कुछ कारण स्पष्ट दिखाई देते हैं जिसने महिलाओं के प्रति होने वाले इस यौन अपराध को विकराल रूप दिया है और इसे सामाजिक कोढ़ के रूप में स्थापित करता चला जा रहा है.  इस यौन हिंसा ने समाज को एक बीमार समाज के रूप में दुनिया के सामने उजागर किया है और यह बताया है कि हम एक बीमार देश और बीमार समाज में रहते हैं जहां की सभ्यता सड़ चुकी है और उसमें से बहुत बुरी तरह से  बदबू आ रही है.   कारणों को समझने के क्रम में हमें यह समझना होगा की बलात्कार  महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा कहां होते हैं एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि बलात्कार जैसी अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले महिलाओं के परिचित ही होते हैं चाहे पड़ोस पड़ोस के लोग हो या फिर परिवार के सदस्य हो.   जब से अपना देश आजाद हुआ है महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर आवाज बुलंद हुई है उन्हें समानता के अधिकार दिए जाने की आवाजें मुखर हुई है.   पिछले 15 से 20 साल में महिलाओं के लिए सामाजिक,  आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षिक, धार्मिक ...