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Showing posts from February, 2015

आप की प्रचंड जीत पर एक विश्लेषण

आम आदमी पार्टी डेल्हीडायलॉग करके दिल्ली दरबार पर काबिज हो गई। यह दिल्ली की जनता से जुड़ने का ऐसा अनूठा प्रयोग था जिसकी काट न तो भाजपा के पास थी और न कांग्रेस के पास। यह एक ऐसा कार्यक्रम था जिसने पार्टी को धरना पार्टी की छवि से मुक्ति दे दी। लोगों में यह भरोसा पैदा किया कि ‘आप’ शासन देने वाली पार्टी हो सकती है। कई दिन के डेल्हीडायलॉग के जरिये ऐसा घोषणापत्र बना जिसे दूसरी पार्टियां एक दिन में ही बना डालती हैं। इसके अलावा ‘आप’ ने दो और बिंदुओं पर ध्यान दिया। इसके जरिये भी पार्टी ने अपनी छवि को बदला। पार्टी ने अरविंद केजरीवाल से जनता के सामने माफी मंगवाई। और सांगठनिक ढांचे को ठीक किया। 1डेल्हीडायलॉग ‘आप’ ने धरातल पर दिल्ली से संवाद किया। इसके कारण पार्टी कुछ समय में ही फिर जनता से जुड़ गई। -नवंबर मध्य में शुरू यह कार्यक्रम जनवरी के आखिरी हफ्ते में समाप्त हुआ। इसका सूत्र वाक्य था दिल्ली को पांच साल में वर्ल्ड क्लास सिटी बनाना। -मकसद था जनता के सहयोग से नीतियां और ब्लूप्रिंट बनाना। यानी जनता को पार्टी नहीं बल्कि जनता बताएगी कि उसे क्या चाहिए। जनता ने जो भी बताया इसका प्रतिबिंब पार्टी...

केजरीवाल आम आदमी का होरो कैसे बने और क्यों

लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद से आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का दिल्ली के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने तक का सफर काफी अदभुत रहा है जहां उन्होंने अपनी पार्टी को रिकार्डतोड़ सफलता दिलायी।     अपने फौलादी इरादों और लगन के लिए जाने जाने वाले 46 वर्षीय केजरीवाल ने पस्त हाल पड़ी पार्टी में नयी जान फूंकने के लिए लीक से हटकर प्रचार रणनीति बनायी और 70 सदस्यीय विधानसभा में 67 सीटों पर आप को जीत दिलायी। दिल्ली विधानसभा चुनाव को डेविड बनाम गोलियथ संग्राम की संज्ञा दी गयी थी जहां भाजपा ने दिल्ली में सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।     आप की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल दिल्ली में राजनीति की हवा का रूख बदल दिया बल्कि केजरीवाल को भी राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य के केंद्र में ला दिया। अब केजरीवाल की मुख्य चुनौती अपने चुनावी वादों को लागू करना होगी जिनमें से कई वादों को आलोचक बहुत मुश्किल मान रहे हैं राजनीतिक परिदृश्य में आप की रिकार्डतोड़ सफलता को गहरी नजर से देखा जा रहा है जहां आईआईटी के एक सीधे सादे दिखने वाले युवक ने मई में...

केजरीवाल के होनहारों के जीवन से जुड़ी रोचक जानकारी

छुपा रूस्तम संदीप कुमार  दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक अंतर से जीतने वाले और पेशे से वकील संदीप कुमार को जमीनी स्तर पर पार्टी के आधार को विस्तार प्रदान करने में मदद के लिए मंत्री पद से नवाजा गया है। 34 वर्षीय कुमार ने सुल्तानपुर माजरा सीट पर चार बार के विधायक जय किशन को 64, 439 मतों से शिकस्त दी और इसलिए उन्हें छुपा रूस्तम का तमगा मिला है। फीसद के हिसाब से भी देखा जाए तो उन्हें सर्वाधिक वोट मिले हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में संदीप कुमार ने इसी सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह 1112 मतों से चुनाव हार गए थे। चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ से एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाले संदीप ने दिल्ली विश्वविद्यालय से 2004 में स्नातक किया था। वह वर्ष 2012 में इंडिया अगेन्स्ट करप्शन आंदोलन के दौरान पहली बार केजरीवाल के संपर्क में आए। उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों के मुकदमों की मुफ्त में पैरवी करने के लिए जाना जाता है।   कुमार को श्रेय जाता है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं के एक समूह के साथ मिलकर उत्तरी पश्चिमी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के आधार को जमीनी स्तर पर व...

केजरीवाल बने मुख्यमंत्री, छह और मंत्रियों ने ली शपथ

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को यहां ऐतिहासिक रामलीला मैदान में अपार जनसमूह के बीच दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसके तुरंत बाद कार्यभार संभाल लिया।         केजरीवाल के करीबी और पटपड़गंज से विधायक मनीष सिसोदिया को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने केजरीवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। उनके साथ के सिसोदिया, असीम अहमद खान,  गोपाल राय. सत्येन्द्र जैन. संदीप कुमार और जितेन्द्र सिंह ने मंत्नी केरूप में शपथ ली।         शपथ ग्रहण के तुरंत बाद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान उन्होंने सभी मंत्रियों के साथ बैठक की जिसमें विभागों का बंटवारा किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज कैबिनेट की पहली बैठक नहीं हुई। यह अब सोमवार को होगी।         मुख्यमंत्री ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है। सिसोदिया को वित्त, राजस्व, शिक्षा, योजना, शहरी विकास और वे सभी विभाग दिए गए हैं जो किसी अन्य मंत्री के पास नहीं है।  ...