आम आदमी पार्टी डेल्हीडायलॉग करके दिल्ली दरबार पर काबिज हो गई। यह दिल्ली की जनता से जुड़ने का ऐसा अनूठा प्रयोग था जिसकी काट न तो भाजपा के पास थी और न कांग्रेस के पास। यह एक ऐसा कार्यक्रम था जिसने पार्टी को धरना पार्टी की छवि से मुक्ति दे दी। लोगों में यह भरोसा पैदा किया कि ‘आप’ शासन देने वाली पार्टी हो सकती है। कई दिन के डेल्हीडायलॉग के जरिये ऐसा घोषणापत्र बना जिसे दूसरी पार्टियां एक दिन में ही बना डालती हैं। इसके अलावा ‘आप’ ने दो और बिंदुओं पर ध्यान दिया। इसके जरिये भी पार्टी ने अपनी छवि को बदला। पार्टी ने अरविंद केजरीवाल से जनता के सामने माफी मंगवाई। और सांगठनिक ढांचे को ठीक किया। 1डेल्हीडायलॉग ‘आप’ ने धरातल पर दिल्ली से संवाद किया। इसके कारण पार्टी कुछ समय में ही फिर जनता से जुड़ गई। -नवंबर मध्य में शुरू यह कार्यक्रम जनवरी के आखिरी हफ्ते में समाप्त हुआ। इसका सूत्र वाक्य था दिल्ली को पांच साल में वर्ल्ड क्लास सिटी बनाना। -मकसद था जनता के सहयोग से नीतियां और ब्लूप्रिंट बनाना। यानी जनता को पार्टी नहीं बल्कि जनता बताएगी कि उसे क्या चाहिए। जनता ने जो भी बताया इसका प्रतिबिंब पार्टी...