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केजरीवाल बने मुख्यमंत्री, छह और मंत्रियों ने ली शपथ

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को यहां ऐतिहासिक रामलीला मैदान में अपार जनसमूह के बीच दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसके तुरंत बाद कार्यभार संभाल लिया।
       
केजरीवाल के करीबी और पटपड़गंज से विधायक मनीष सिसोदिया को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने केजरीवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। उनके साथ के सिसोदिया, असीम अहमद खान,  गोपाल राय. सत्येन्द्र जैन. संदीप कुमार और जितेन्द्र सिंह ने मंत्नी केरूप में शपथ ली।
       
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान उन्होंने सभी मंत्रियों के साथ बैठक की जिसमें विभागों का बंटवारा किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज कैबिनेट की पहली बैठक नहीं हुई। यह अब सोमवार को होगी।
       
मुख्यमंत्री ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है। सिसोदिया को वित्त, राजस्व, शिक्षा, योजना, शहरी विकास और वे सभी विभाग दिए गए हैं जो किसी अन्य मंत्री के पास नहीं है।
       
सिसोदिया ने संवाददाताओं को बताया कि मटिया महल विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए खान को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण तथा निर्वाचन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। बाबरपुर से विधायक बने गोपाल राय को परिवहन, सामान्य प्रशासन तथा रोजगार मंत्री बनाया गया है।
     
शकूर बस्ती से विधायक चुने गए सत्येन्द्र जैन को ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई एवं बाढ नियंत्रण विभाग, सुल्तानपुर माजरा के विधायक संदीप कुमार को महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री तथा त्रिनगर से निर्वाचित जितेन्द्र सिंह तोमर को विधि एवं न्याय, गृह, पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री बनाया बनाया गया है।
       
रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व देशभक्ति के गीत और शहनाई गूंज रही थी। समारोह में हजारों लोगों के अलावा फिल्मी दुनिया तथा अन्य क्षेत्रों की कई जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं। केजरीवाल मंत्रिमंडल में इस बार किसी महिला को स्थान नहीं मिला है। पिछली बार राखी बिडलान को मंत्री बनाया गया था। नये मंत्रिमंडल में पिछली सरकार में मंत्री रहे सोमनाथ भारती, सौरभ भारद्वाज और गिरीश सोनी को भी जगह नहीं मिली है।
       
शपथ लेने के बाद केजरीवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अंहकार नहीं करने की अपील की। उन्होंने दिल्ली को पांच वर्ष के भीतर भ्रष्टाचार मुकत करने, वीआईपी संस्कृति समाप्त करने तथा दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए काम करने का वादा किया।  

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