कोरोना कर सकता है मानव सभ्यता का अंत
यूपी में विधान सभा चुनाव है और कोरोना के नये वेरियंट ओमीक्रोन के बढ़ने की खबरें आने लगी हैं। दिल्ली सरकार ने भी नये साल और क्रिसमस के कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी ंिचंताएं जाहिर कर रहा है। यह तीसरी लहर बहुत ही घातक साबित होगी।
लेकिन राजनीतिक पार्टियां और यूपी सरकार इसको लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। सोशल डिस्टेंसिग तो बहुत दूर की बात है लोग मास्क लगाना तक जरूरी नहीं समझ रहें हैं। लोगों का कहना है कि देखा जाएगा। जिसकी मौत लिखी होगी उसे कोई रोक नहीं सकता। इसलिए मौत से क्या डरना। क्या हम कोरोना के तांडव को देखने के लिए तैयार रहें। मैंने पिछली लहर भी कहा था कि मानव सभ्यता पर संकट है। मानव सभ्यता को अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। अन्यथा मानव सभ्यता अपने अस्तित्व की समाप्ति की ओर है। यह ठीक डायनासोर के अस्तित्व के अंत जैसा है। और भी ऐसी बहुत सी प्रजातियां थी जो विलुप्त हो गई जो आज इतिहास की कहानी हैं।
हमें मानव सभ्यता के अस्तित्व को बचाने के लिए जागना होगा नहीं तो कोरोना इस प्रजाति को निगल जाएगा। इसलिए प्रदेश सरकारों को सख्ती के साथ ठोस कदम उठाने होंगे। केंन्द्र सरकार भी इस पर तुरंत कार्यवाही करें नहीं तो वो दिन दूर नहीं जब देश में कोरोना मौत का तांडव कर रहा होगा। राजनीतिक हित को दरकिनार करते हुए देश हित में, समाज हित में ठोस कदम उठाएं जाएं।
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