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Showing posts from December, 2021

कोरोना घातक है मानव समाज के लिए

कोरोना कर सकता है मानव सभ्यता का अंत  यूपी में विधान सभा चुनाव है और कोरोना के नये वेरियंट ओमीक्रोन के बढ़ने की खबरें आने लगी हैं। दिल्ली सरकार ने भी नये साल और क्रिसमस के कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी ंिचंताएं जाहिर कर रहा है। यह तीसरी लहर बहुत ही घातक साबित होगी।    लेकिन राजनीतिक पार्टियां और यूपी सरकार इसको लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। सोशल डिस्टेंसिग तो बहुत दूर की बात है लोग मास्क लगाना तक जरूरी नहीं समझ रहें हैं। लोगों का कहना है कि देखा जाएगा। जिसकी मौत लिखी होगी उसे कोई रोक नहीं सकता। इसलिए मौत से क्या डरना। क्या हम कोरोना के तांडव को देखने के लिए तैयार रहें। मैंने पिछली लहर भी कहा था कि मानव सभ्यता पर संकट है। मानव सभ्यता को अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। अन्यथा मानव सभ्यता अपने अस्तित्व की समाप्ति की ओर है। यह ठीक डायनासोर के अस्तित्व के अंत जैसा है। और भी ऐसी बहुत सी प्रजातियां थी जो विलुप्त हो गई जो आज इतिहास की कहानी हैं।  हमें मानव सभ्यता के अस्तित्व को बचाने के लिए जागना होगा नहीं तो कोरोना इस प्रजाति को निगल ज...

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिंदुत्व का कार्ड वर्सेस समाजवादी विकास कार्ड

अजय शर्मा वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश की सियासत में मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि और शाही मस्जिद को लेकर केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट के ऊपर संभल के सांसद और सपा नेता रहमान के बयान ने सियासी तड़का लगा दिया है.  सहारनपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह मैं अपनी रैली में जो कहा है वह अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि सहारनपुर में शाकुंभरी देवी के नाम पर विश्वविद्यालय बनेगा।  इससे उत्तर प्रदेश की सियासत में ध्रुवीकरण की संभावनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई है केशव प्रसाद मौर्य अपने बयान पर कायम है बीजेपी के प्रवक्ता हिंदुत्व और विकास की राजनीति की बात कर रहे हैं जिससे यह साफ हो गया है कि अब उत्तर प्रदेश की सियासत में कृष्ण जन्मभूमि ही चुनावी मुद्दा रहेगा.  आपको मैं यहां पर बता दूं जब पीवी नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे उस वक्त की सरकार ने वरशिप एक्ट 1991 मैं पास किया था। साल 1991 में रामजन्मभूमि आंदोलन चरम पर था. उस दौरान अयोध्या के साथ ही तमाम मंदिर-मस्जिद विवाद उठने लगे थे. ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की स...

अखिलेश यादव ने बदल दी है उत्तर प्रदेश की सियासत

अखिलेश यादव ने बदल दिया है सियासी माहौल अजय शर्मा वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश में सियासत अब घोड़े की चाल यानी कि  कदम चलने लगी है. पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं सत्ताधारी पक्ष अपने आप को उसी पुराने तौर-तरीकों के साथ जनता के सामने रख रहा है जिसमें राष्ट्रवाद, जिन्ना, अब्बा जान, कोरोना से निपटने की कामयाबी, माफियाओं और अपराधियों पर बुलडोजर चलाना.  वहीं विपक्ष रोटी, कपडा और मकान, महंगाई, बेरोजगारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और बलात्कार जैसे मामलों पर सियासी मैदान में है. जिसमें बिजली का बिल से लेकर पेट्रोल डीजल, सीएनजी, आलू टमाटर, तेल और मोबाइल कंपनियों के रिचार्ज के बढ़ते दाम सियासी तीर है.  यह वह मुद्दे हैं जिनके सामना हर व्यक्ति कर रहा है.  ऐसे में समाजवादी पार्टी अपनी सियासत को मजबूत कर रही है जिसमें उसने कुछ पार्टियों के साथ गठबंधन किया है और कुछ के साथ आने वाले समय में होगा और दूसरी तरफ कांग्रेस बाहर से लड़ रही है. वही बहुजन समाज पार्टी शांत है जो कभी-कभी समुद्र की लहरों की तरह से अपना रूप दिखा देती है उसके बाद फिर शांत हो जा...