Skip to main content

नोएडा सेक्टर 10 में आयोजित हुआ कानूनी अधिकार संगठन का निशुल्क कैंप

आज रविवार दिनांक 22 सितंबर 2019 को नोएडा के सेक्टर 10 , 71- ए के सामने कानूनी अधिकार संगठन द्वारा एक निशुल्क कैंप आयोजित किया गया.  कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय निवासी एवं नोएडा के अग्रणी श्रमिक नेता सतवीर मकवाना ने किया. कार्यक्रम का संचालन  कानूनी अधिकार संगठन की तरफ से समाजसेवी अजय शर्मा ने किया.

शिविर में सुप्रीम कोर्ट के वकील रीना राव, संदीप कालिया  जिला कोर्ट से वकील एवं संगठन संस्थापक  रण पाल अवाना अंजू शर्मा दिनेश सक्सेना योगेश तिवारी  सिकुल झा ने कानून की बारीकियों पर अपना अपना वक्तव्य दिया.

   सिकुल झा ने एफ आई आर कैसे लिखवाई जाती है और पुलिस का क्या कर्तव्य है यदि पुलिस अपने कर्तव्य का पालन नहीं करती है तो कोर्ट कि उसमें क्या भूमिका होती है उस पर रोशनी डाली.

वकील अंजू शर्मा ने  श्रमिक कानून  एवं अधिकारों पर कानून की बारीकियों के बारे में बताया और यह भी बताया कि एक श्रमिक को कानून का उपयोग अपने बेहतरी के लिए कैसे करना चाहिए जिससे कि वह शोषण का शिकार ना हो सके.
साइबर कानून पर वकील योगेश तिवारी ने साइबर अपराध और इससे सावधानी पर  बताया .  यदि आप डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी नहीं बरतते हैं तो किस तरह के नुकसान हो सकते हैं एवं सोशल मीडिया पर असावधानी से इस तरह की कानूनी कार्यवाही हो सकती है इसके बारे में विस्तार से बताया.

वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश सक्सेना ने कंस्यूमर राइट्स के बारे में  बताया कि एक आम आदमी का उपभोक्ता संबंधी क्या अधिकार है यदि सर्विस प्रोवाइडर गलत सेवा देता है तो उसके ऊपर किस तरह से कानूनी कार्यवाही की जा सकती है और यह कानूनी कार्यवाही जिला स्तर से लेकर केंद्र तक कैसे कैसे होती है.

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संदीप कालिया ने मानवाधिकार पर विस्तार से बताया कि यह किस तरह से काम करता है और एक इंसान को इसका अपने बेहतरी के लिए कैसे इस्तेमाल करना चाहिए.  संदीप कालिया ने सूचना के अधिकार यानी कि आरटीआई पर भी शिविर में उपस्थित लोगों को बताया.

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना राव ने भूमि अधिग्रहण एवं रियल स्टेट से संबंधित कानून पर जानकारी दी साथ ही लोगों के सवालों के जवाब भी दिए.
  कार्यक्रम में कानूनी अधिकार संगठन क्या है और यह कैसे काम करता है इसकी जानकारी संगठन के सदस्य गौरव यादव ने लोगों को दी.

कार्यक्रम के संचालन के दौरान समाजसेवी अजय शर्मा ने कानून क्या है और यह व्यक्ति का अधिकार कैसे है इसकी जानकारी दी. एफ आई आर लिखने के बाद पुलिस उस पर कार्यवाही क्यों करती है और उसका यह कर्तव्य क्यू है इसकी भी जानकारी दी.
साइबर मीडिया की दुनिया में यदि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना घृणा और नफरत फैलाना या किसी को बदनाम करने की कोशिश करते हैं या फिर सरकार की पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर आलोचना करते हैं जिससे राज्य में दंगा फैल सकता है इसके ऊपर कानूनी जानकारी समाजसेवी अजय शर्मा जी ने दी.
कार्यक्रम के आयोजक सतवीर मकवाना ने श्रमिकों  के संघर्ष एवं उनके पीएफ और सैलरी जैसे अधिकारों के शोषण के खिलाफ संघर्ष के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि वह पिछले काफी लंबे समय से कोर्ट कचहरी की कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं अब यह संघर्ष सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाला है क्योंकि इन श्रमिकों का पैसा नोएडा अथॉरिटी ने जोकि लगभग 80 करोड़ के आसपास है भुगतान नहीं किया है.

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने हर विषय पर कानूनी सलाह ली जिसमें मुख्यतः विनीत चौधरी ने मानवाधिकार और सोशल मीडिया पर  पोस्ट  डालने  या फिर गलत और अभद्र वीडियो वायरल करने पर जानकारी ली. पापइंदर मकवाना ने अपने साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई और कानूनी अधिकार पर जानकारी ली.
शिविर में आए एक व्यक्ति ने महिला द्वारा प्रताड़ित किए जाने पर पुरुष के पास क्या अधिकार हैं और वह कैसे अपने आप को बचा सकता है.  इसके ऊपर कानूनी सलाह ली.  इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना राव ने  विस्तार से बताया.

  शिविर में संगठन की तरफ से समाजसेवी पुष्पा शाह  विक्रम सेठी और पत्रकार मनीष गुप्ता ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज की. 

कार्यक्रम में मुख्यतः समाजसेवी विनीत चौधरी,  पत्रकार राजेश, स्थानीय निवासी बृजेश यादव, रवि, राकेश यादव, चंद्रपाल, हरवीर, बृजेंद्र और ईश्वर मौजूद रहे.

Comments

Popular posts from this blog

बदहाल साहिबाबाद रेलवे स्टेशन

साहिबाबाद रेलवे स्टेशन दिल्ली के नजदीक होने के कारण काफी व्यस्त रहता है। यहां 98 पैंसेजर ट्रेन और 16 एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज़ हैं। जिनसे लगभग 50 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। यही रेलवे स्टेशन अनियमिताओं का शिकार है। पूरे परिसर में गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात है। बंदरों के आतंक से भी यह स्टेशन अछूता नहीं है। टिकट खिड़की परिसर में लगी हुई दोनों एटीवीएम मशीनें महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इस परिसर में तीन टिकट खिड़की हैं और एक पूछताछ कार्यालय है। जिसमें से अक्सर दो बंद ही रहती हैं। जिसके चलते यात्रियों को होने वाली असुविधाओं के बारे में जब स्टेशन मास्टर नरेश मलिक से बात की गई तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपना दामन बचाने की कोशिश की। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन मास्टर नरेश मलिक ने बताया कि कर्मचारियों की कमी हैं। मैं उनसे कहां तक काम करवाउं। पेयजल की बाधित व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यह इंजीनियरिंग विभाग का काम है। इसके बारे में आप इस विभाग से बात करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विभाग आपके आदेश के अधीन नहीं हैं तो उन्होंने चुप्पी साध ली। रेलवे स्टेशन पर ...

बलात्कार के बढ़ने के कारण क्या है

 पिछले कुछ सालों में बलात्कार और यौन शोषण के मामलों में बहुत तेजी आई है जिसने समाज को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है और एक नई बहस को जन्म दिया है इसके कारण क्या है  हैदराबाद मैं पशु चिकित्सक दिशा के साथ हुआ बलात्कार और उसके बाद उसकी पेट्रोल डालकर जला कर हत्या. इस घटना ने पूरे देश को उबाल दिया आक्रोश से भर दिया और जनाक्रोश चारों तरफ फूटने लगा.   मीडिया के माध्यम से एक नई बहस शुरू हुई और लोगों ने अपनी अपनी राय स्पष्ट करना शुरू कर दिया लोग बलात्कार जैसी सामाजिक बीमारी से तुरंत छुटकारा चाहते हैं और सख्त कानून की डिमांड कर रहे हैं.  सरकार भी सख्त कानून की बात कर रही है लेकिन कानून सख्त होने के बावजूद भी बलात्कार जैसी घटनाएं नहीं रुक रही है. पिछले 10 साल के यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें बढ़ोतरी ही ही हुई है.  दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप के बाद से अब तक हैदराबाद दिशा गैंगरेप तक समाज में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने के लिए नहीं मिला है बल्कि यौन शोषण और बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है एनसीआरबी के आंकड़े यही बताते हैं कि बलात्कार के मामले  ...

नए साल की शुभकामनाएं

 नए साल के अवसर पर आपको शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव बहुत ही चुनौती वाला है.  क्योंकि कोशिश जब यह होती है आपको जीवन भर की खुशियां, प्यार, स्नेह, सफलता और  यह दुनिया आपके कदमों में झुके.  जब जीवन की आकांक्षा हो कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहे, आपके होठों पर हमेशा मुस्कुराहट खिलती रहे, आंखों में खुशियों की चमक हो.  जब आप  उसके कोमल दिल पर, उसके नव युवती जैसे अल्हड़पन पर, कभी घरेलू लड़की जैसी सादगी पर, रानी जैसे वैभवशाली व्यक्तित्व पर, उसकी दिलकश आवाज पर, उसकी ऐसी खूबसूरत आंखों पर जो अपने आप से रिश्ता कायम कर लेती है. जिस पर आप पहली मुलाकात में ही फिदा हो गए हो,  जिसका दुख, संघर्ष, तकलीफें, दर्द  आपको अंदर तक झकझोर देता हो, यह सब कुछ आपको अपना लगता हो और आप उसकी खुशी के लिए प्रार्थनाएं करते हो. उसकी चेहरे की मुस्कुराहट देखकर आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती हो.   ऐसी शख्सियत को नववर्ष की शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव चुनौतीपूर्ण हो जाता है.   ऐसे में बहुत ही सादगी से कहने का मन करता है यह नया साल आपके लिए सभी खुशियां...