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दृढ़ इच्छा शक्ति वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दृढ़ इच्छाशक्ति वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारतीय लोकतंत्र के 1999 से 2019 के काल खंड में चौथे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बने । उन्होंने 2014 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार को बाहर करते हुए पहली बार भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में काबीज किया और स्वयं प्रधानमंत्री बने। हालांकि यहां यह उल्लेखनीय है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के स्पष्ट बहुमत में होते हुए भी गठबंधन की राजनीति को प्राथमिकता प्रदान की और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी दलों के साथ जिनकी संख्या अब घटकर कम हो गई थी उन्हें भी  अपने साथ जोड़े रखा और सत्ता में भी उन्हें सहयोगी बनाए रखा ।
श्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यकाल काफी उठापटक वाला रहा उन्होंने अपनी वाणी के माध्यम से देश की जनता के साथ ही विदेशी लोगों को भी प्रभावित किया। लगातार   विदेश दौरों के कारण वह विपक्षी दलों की आलोचना का केंद्र भी बने ।परंतु इन आलोचनाओं से विचलित हुए बिना वे निर्बाध गति से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में आगे बढ़ते रहे ओर विदेश यात्राऐ करते रहे। जिसके कारण वैश्विक स्तर पर अपनी छवि को स्थापित करने में कामयाब हुए और उन्हे  दृढ़ इच्छा शक्ति वाला व्यक्ति बताया जाने लगा ।उनकी यह छवि न सिर्फ विदेशों में अपितू अपने देश में भी लोगों के बीच में लोकप्रियता का परिचायक बन गई ।
श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में सीमा पर पाकिस्तान के साथ सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर लोगों को अपने से जोड़े रखा तथा लोगों के बीच में राष्ट्रभक्ति का एक नया ज्वार  खड़ा कर दिया।
श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में नोटबंदी कर पुराने नोटों को चलन से बाहर करते  हुए नए नोट चलन में ला दिए। वहीं एक नया  केंद्रीय टैक्स "वस्तु एवं सेवा कर" जीएसटी  लागू कर दिया । श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में योजना आयोग को खत्म कर उसके स्थान पर नीति आयोग का गठन किया । इसी प्रकार उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध  विशेष जांच दल (SIT )का गठन किया।  प्रधानमंत्री जन धन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों के बैंक खाते खुलवा दिये ।स्वच्छता अभियान के माध्यम से गांव गांव में शौचालयों का निर्माण करवाया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण जनों को आवास मुहैया कराने के ठोस प्रबंध किये ।इससे
जनता के बीच में उनकी एक अलग ही छवि बनी और लोकप्रियता का नया ज्वार खड़ा कर दिया ।
श्री नरेंद्र मोदी ने " नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलने की अपनी अद्भुत क्षमता का परिचय " दिया और लोगों को उससे परिचित कराया जिसके कारण जनता के बीच में वह और लोकप्रिय होकर उभरे है। श्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश का वाराणसी लोकसभा क्षेत्र है।
इस प्रकार भारतीय लोकतंत्र के इस महा समर मे जो कि   " 1947 से लेकर 2019 " तक के बीच का कालखंड रहा।  कुल 15 प्रधानमंत्रियों ने देश के शासन व्यवस्था का संचालन किया। एक और जहां श्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने आभामंडल से देश का संचालन किया तो वही श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपने आकर्षक व्यक्तित्व के बल पर  देश का संचालन किया ।श्री अटल बिहारी वाजपेई ने अपनी वाकपटुता एवं स्पष्टवादिता से लोगों को जोडते हूए शासन किया । श्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से लोगों के बीच में अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर, जबकि श्री नरसिम्हा राव और श्री मनमोहन सिंह ने अपनी चुप्पी के साथ में देश की शासन व्यवस्था का संचालन किया ।
देश के इन 70 वर्षों के लोकतांत्रिक समय अवधि में सभी प्रधानमंत्रियों ने अपनी क्षमता का उपयोग करते हुए देश को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका प्रदान की और उसमें देश की जनता का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।
भारत की जनता को देश के प्रति समर्पित भाव रखने वाली जनता के रूप में देखा जाता हे। जिसके लिए सदैव राष्ट्र सर्वोपरि है ।यही कारण है कि विपरीत परिस्थितियों में भी भारत एकजुट होकर खड़ा रहता है ।वह अपनी क्षमताओ के साथ आगे बढ़ रहा है।

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