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मिडिल क्लास के लिए ‘समाजवादी आवास योजना’



उत्तर प्रदेश सरकार ने मार्च-अप्रैल 2015 मिडिल क्लास को ध्यान में रखते हुए घर का सपना पूरा करने के लिए ‘समाजवादी आवास योजना’ की शुरुआत की घोषणा की। इसके तहत वर्ष 2016 तक तीन लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। यह समाजवादी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।

आवास विभाग के प्रमुख सचिव सदाकान्त ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यम आय वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिये ‘समाजवादी आवास योजना’ शुरू करने का फैसला किया गया है। इसमें अपार्टमेंट की दरें निर्धारित की गयी हैं। भविष्य में यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह योजना कब शुरू की जाएगी।

प्रमुख सचिव ने बताया कि इस योजना के तहत बनाये जाने वाले आवासों की लागत 15 से 30 लाख रुपये के बीच होगी। इन मकानों के निर्माण के लिये भू-उपयोग परिवर्तन के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सदाकान्त ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने अपार्टमेंट की प्रति वर्गमीटर दरें तय करने का फैसला किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बनने वाले अपार्टमेंट के लिए यह दर 3000 रुपये प्रति वर्गमीटर से ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा महानगरों में यह दर अधिकतम 2800 रुपये प्रति वर्गमीटर और बाकी शहरों में 2500 रुपये वर्गमीटर तय की गयी है। योजना के तहत रियायतों की पेशकश भी की जाएगी। इनमें स्टाम्प शुल्क में कमी तथा एकल खिड़की व्यवस्था भी शामिल है। सरकार ने भू-उपयोग में बदलाव के लिये बाईलाज भी तैयार किया है। इसके तहत एक अलग कोष बनाया जाएगा और उसमें भू-उपयोग परिवर्तन का शुल्क जमा किया जाएगा। लोग यह जान सकेंगे कि उस धन का उपयोग कहां और कैसे हो रहा है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार ने हाईटेक टाउनशिप योजना के तहत प्रावधानों को शिथिल बनाने का भी फैसला किया है। किसानों के हितों की रक्षा के सवाल पर वे बोले कि भूमि अधिग्रहण कानून अब और भी सख्त हो गया है। ‘मुझे अपेक्षा है कि बड़े विकासकर्ता गुजरात मॉडल के तहत आएंगे और कानून के मुताबिक किसानों को भी अंशधारक बनाया जाएगा।’

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