कुछ दिन पहले गाजियाब़ाथ जाने का मौका मिला तो में समाजवादी पार्टी के कार्यालय भी गया तो वहां पर मैंने दिलचस्प नजारा देखा । यहाँ पर कुछ वरिस्थ कार्यकर्ता और पदा अधिकारी आपस में चर्चा कर रहे थे की अब उन्हें मौजूदा नए अध्यझ कार्यक्रम की सूचना नहीं देते है । इस सब के पीछे उनकी पता नहीं क्या रणनीति है। जबकि पहले ऐसा नहीं होता था। अब ये नए पद अधिकारी पुराने और पूर्व पद अधिकारियो को तवज्जो नहीं देते है। जिस से वे बहुत ही आहत है ।
यह इस बात की और संकेत करता है की पार्टी गुटबाजी की बुरी तरह शिकार है। कार्यकर्ता पार्टी हित और जन हित की बजाय व्यक्तिगत हित को लेकर ज्यादा जागरूक है । राजनीतिक विमर्श की बजाय एक दुसरे की टांग खीच रहे थे। बड़ी हैरानी की बात है उस दिन मुलायम सिंह यादव को स्वाइन फ्लू के चलते हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। लेकिन चर्चा का विषय अपनी तारीफ और दुसरे की टांग खीचाई।
आज काफी दिनों के बाद लिखने का मौका मिल रहा है । पिछले दो महीनों से मैं बहुत फंसा हुआ हूं जिदंगी अलग अलग तरह के रंगों को दिखा रही है। अब मैने डिसाईड किया है। कि मैं डेली लिखा करूंगा।
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