लगभग 30-40 महिलाओं की बेताब भीड़। किसी इतंजार में एक दूसरे से कानाफूसी करती कुछ महिलाएं। वहीं इन सबके बीच एक अलग सी महिला जो जरुरत से बैचेन इधर से उधर फोन के साथ चहल कदमी कर रही थी। वहीं दूसरी ओर कुछ पत्रकार आपस में बतिया रहे थे अपनी कलम और कैमरों के साथ। ये नजारा था गाजियाबाद में मीडिया सेंटर पर समाजवादी पार्टी की महिला विंग की प्रेस कांफ्रेंस का।
पार्टी में महानगर अध्यक्ष रितु खन्ना ने सोमवार 19 जनवरी को अपनी टीम की औपचारिक घोषणा की। जिसमें 21 महिलाओं को शामिल किया गया। इस घोषणा में सिर्फ उनके नाम और पद की जानकारी दी गई। लेकिन इस सबके बीच सबसे ज्यादा दिलचस्प यह रहा कि इन महिलाओं का परिचय मीडिया से नहीं कराया गया। मीडिया से इन्हें दूर रखा गया। परिचय के नाम पर सदस्यों और पदाधिकारियों के नाम की एक लिस्ट जारी कर दी गई।
महानगर अध्यक्ष ने पार्टी की तरफ से चलाई जा रही महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 के प्रति जागरुकता पर बल दिया। जिसके लिए उन्होंने अपना एक व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी जारी किया। लेकिन 1090 हेल्प लाइन कैसे काम करती है और कितना काम करती है। इसका उन्होंने कोई डेमो नहीं दिया और ना ही जरूरत समझी। महिलाएं कैसे इसका इस्तेमाल करेगी इस पर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा। बस उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने की बात की। रितु खन्ना ने महिला संगठन की जानकारी के साथ ही प्रेस कांफ्रेस समाप्त कर दी।
दिलचस्प बातें
सपा की 1090 ऐप केंद्र सरकार की हिम्मत ऐप से कैसे बेहतर है?
इस पर पुलिस कैसे काम करती है। और कितनी देर में पुलिस शिकायतकर्ता तक पहुंच सकती है?
क्या गाजियाबाद में इस ऐप का इस्तेमाल करने वाली महिलाऐं हैं और यदि हैं तो कितनी हैं?
पार्टी में महानगर अध्यक्ष रितु खन्ना ने सोमवार 19 जनवरी को अपनी टीम की औपचारिक घोषणा की। जिसमें 21 महिलाओं को शामिल किया गया। इस घोषणा में सिर्फ उनके नाम और पद की जानकारी दी गई। लेकिन इस सबके बीच सबसे ज्यादा दिलचस्प यह रहा कि इन महिलाओं का परिचय मीडिया से नहीं कराया गया। मीडिया से इन्हें दूर रखा गया। परिचय के नाम पर सदस्यों और पदाधिकारियों के नाम की एक लिस्ट जारी कर दी गई।
महानगर अध्यक्ष ने पार्टी की तरफ से चलाई जा रही महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 के प्रति जागरुकता पर बल दिया। जिसके लिए उन्होंने अपना एक व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी जारी किया। लेकिन 1090 हेल्प लाइन कैसे काम करती है और कितना काम करती है। इसका उन्होंने कोई डेमो नहीं दिया और ना ही जरूरत समझी। महिलाएं कैसे इसका इस्तेमाल करेगी इस पर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा। बस उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने की बात की। रितु खन्ना ने महिला संगठन की जानकारी के साथ ही प्रेस कांफ्रेस समाप्त कर दी।
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