अचानक से गंजापन आना और बालों का झड़ना बीमारी का कारण हो सकता है और ऐसे में आपको तुरंत डाक्टरी सलाह लेनी चाहिए। गंजेपन के इलाज पर अब तक काफी रिसर्च की जा चुकी है। फिर से बाल उगाने में सफलता अभी भी ना के बराबर ही मिली है। गिरते या झड़ते बालों को वापस भले ही नहीं लाया जा सकता लेकिन इन्हें रोका जरुर जा सकता है। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा और जिज्ञासा का विषय है कि गंजापन क्या और कैसे यह लोगों में होता है। इसी जुड़े कुछ तथ्यों पर हम चर्चा करेंगे।
गंजापन क्या है
गंजापन की स्थिति में सिर के बाल बहुत कम रह जाते हैं। गंजापन कम या अधिक हो सकता है। गंजापन को एलोपेसिया भी कहते हैं। जब असामान्य रूप से बाल बहुत तेजी से झड़ने लगते हैं तो नये बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते या फिर पहले के मुकाबले बाल पतले या कमजोर उगते हैं। इस कारण बालों का कम होना या कम घना होना शुरू हो जाता है ऐसी स्थिति गंजेपन की ओर जाती है।
गंजेपन के प्रकार
1.एंड्रोजेनिक एलोपेसिया- यह सबसे ज्यादा लोगों में होने वाला गंजापन है और महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है। इसीलिए इसे पुरुषों का गंजापन भी कहा जाता है। यह स्थायी गंजापन है और एक खास ढंग से सिर पर उभरता है। यह कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर पीछे की ओर बढ़ता है। यह जवानी के बाद किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है और व्यक्ति को आंशिक रूप से या पूरी तरह गंजा कर सकता है। इस गंजेपन के लिए मुख्यत: टेस्टोस्टेरॉन नामक हारमोन संबंधी बदलाव और आनुवंशिकता जिम्मेदार होती है।
2. एलोपेसिया एरीटा- इसमें सिर के अलग-अलग हिस्सों में बाल गिर जाते हैं, जिससे सिर पर गंजेपन का पैच लगा सा दिखाई देता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधी शक्ति कम होने के कारण होता है।
3. ट्रैक्शन एलोपेसिया- यह अलग तरह का गंजापन है, लंबे समय तक एक ही ढंग से बाल के खिंचे रहने के कारण होता है। जैसे कोई खास तरह से हेयरस्टाइल या चोटी रखना। लेकिन हेयरस्टाइल बदल देने यानी बाल के खिंचाव को खत्म कर देने के बाद बालों का झड़ना रोका जा सकता है।
आमतौर पर पुरुषों में गंजापन के लिए मेल हार्मोन को जिम्मेदार ठहराया जाता है। यही वजह है महिलाओं में गंजापन आमतौर बहुत कम देखने को मिलता है। साथ ही गंजापन जेनेटिक भी होता है और पीढ़ी दर पीढ़ी इसका असर रहता है। जब आपको लगे कि आपके गंजपन का समय आ गया है तो आप कुछ घरेलू नुस्खे के जरिए गंजेपन के समय को बढ़ा सकते हैं। वैसे गंजेपन के लिए और भी कारण हैं। जिनमें फैशन और मॉर्डन दिखने की चाह भी शामिल है। जिसके चलते लोगों में बालों के साथ प्रयोग करने की प्रवृति बढ़ी है। बदलते फैशन के साथ बालों का फैशन भी बदलता रहता है। कभी कट बदलता है, तो कभी बालों का रंग। बालों की खूबसूरती के लिए केमिकलयुक्त प्रोडक्ट इस्तेमाल करने में भी आजकल लोग गुरेज नहीं करते हैं।
गलत जीवनशैली, अधिक प्रदूषण या शरीर में पोषक तत्वों की कमीं, इन्हें भी बालों के झड़ने या गंजेपन के लिए जिम्मेदार माना जाता हैं। हार्मोनल बदलाव छोड़कर ये सभी इसके बड़े कारण हो सकते हैं। ऐसे में शरीर के पोषक तत्वों की कमीं को पूरा करने के लिए आपको अपनी डाइट पर ध्यान देना होगा। जिससे आपको काफी हद तक गंजेपन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
गंजेपन के कारण
आनुवंशिक कारणों या उम्र बढ़ने से
भावनात्मक या शारीरिक तनाव की वजह से
गंभीर रूप से बीमार पड़ने या बुखार होने से
हार्मोन में परिवर्तन से
किसी खास चिकित्सीय कारण, जैसे कैंसर केमोथेरेपी या अत्यधिक विटामिन ए की वजह से
एक खास ढंग से बाल को लंबे समय तक खींचे रखने से
उपचार
1. हेयर ट्रांसप्लांटेशन
इसमें सिर के उन हिस्सों से बाल लिए जाते हैं जहां अब भी बाल उग रहे होते हैं। यहां से हेयर-ग्रंथियां लेकर उन्हें गंजेपन से प्रभावित हिस्सों में ट्रांसप्लांट किया जाता है। इसमें त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बहुत कम होता है और उन हिस्सों में नुकसान होने की संभावना कम होती है जहां से केश-ग्रंथियां ली जाती है।
2. दवाओं से
आजकल बाजार में गंजेपन को रोकने के लिए ढेरों दवाईयां और तेल उपलब्ध हैं। जिनके उपयोग से बाल गिरने रुक जाते हैं और नये बाल उगने लगते हैं। इस तरह की मेडीसिन रक्त वाहिनियों को मजबूत बनाती हैं जिससे प्रभावित हिस्सों में रक्तसंचार और हार्मोन की आपूर्ति बढ़ जाती है और बाल गिरना बंद हो जाते हैं। इसलिए आप चिकित्सक की सलाह लेकर गंजेपन को रोकने में सहायता ले सकते हैं। देखने में आया है कि कई मामलों में नये बाल भी उगने लगते हैं। ये दवाएं बालों का गिरना कम तो कर सकती हैं पर अधिकांश मामलों में देखा गया है कि दवाएं लेना बंद कर देने से नये उगे बाल पुन: झड़ जाते हैं। इनसे खोपड़ी खुजलाने जैसे कुछ साइड इफेक्ट होना भी आम बात है।
इनके अलावा, कोर्टिकोस्टराइड नामक एक इंजेक्शन भी है जो एलोपेसिया एरीटा के मामले में खोपड़ी की त्वचा में दी जाती है। यह उपचार आम तौर पर हर महीने दोहराया जाता है। कई बार डॉक्टर एलोपेसिया एरीटा के चलते अत्यधिक बाल गिरने पर कोर्टिकोस्टराइड टेबलेट खाने की सलाह भी देते हैं।
3. कॉस्मेटिक उपचार
सिंथेटिक बाल- गंजेपन से प्रभावित हिस्से को ढकने के लिए निर्मित बालों का प्रयोग किया जा सकता है। इन बालों के नीचे की खोपड़ी को नियमित रूप से धोते रहना आवश्यक है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। एक और तरीका है कृत्रिम बालों की बुनाई कराना, जिसके तहत मौजूदा बालों के साथ कृत्रिम केशों की बुनाई की जाती है।
महिलाओं में गंजेपन का कारण
पहले ऐसा लगता था कि पुरूष ही गंजे होते है और महिलाओं के बाल झड़ते हैं। लेकिन अब थोड़ा ट्वीस्ट है, महिलाओं में भी गंजेपन की समस्या सामने आने लगी है। आपको बता दें कि हर बाल एक छेंद पर उगता है उसे फोलीसाइल कहते हैं। जैसे-जैसे फोलीसाइल सिकुड़ते है तो बाल झड़ते है और वहां गंजापन हो जाता है। महिलाओं में भी ये समस्या देखने को मिलती है। कई बार इसी समस्या के चलते लम्बे और मोटे बाल, छोटे और पतले बालों में बदल जाते हैं। महिलाओं में एकदम से कभी भी गंजापन नहीं होता है। पहले उनके बाल झड़ते हैं, पतले होते और बाद में गंजापन हो जाता है।
बालों को झड़ने से रोकेगा यह घरेलू उपचार महिलाओं में गंजापन होने के कारण निम्न प्रकार हैं:
1.आनुवांशिक गुण या परिवार में पहले भी मां या दादी, नानी के बालों का इस तरह झड़ना।
2. उम्र बढ़ने के कारण
3. सर्जरी, कीमोथरेपी या किसी दवा के प्रभाव के कारण।
4. मेनोपॉज के कारण ऐसी समस्या आने पर आपको डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए, ताकि वह आपका सही प्रकार ट्रीटमेंट करवा सकें। गंजेपन की समस्या महिलाओं और पुरूषों, दोनों में होती है। लेकिन इसमें कोई झिझकने की बात नहीं है, आप डॉक्टर से मिलें और अपनी समस्या बताकर सही इलाज करवाएं। पुरूषों में गंजेपन की शुरूआत कनपटी से होती है और वहीं महिलाओं में गंजेपन की शुरूआत बीच की मांग से होती है। दोनों में ही गंजेपन के भिन्न कारण होते हैं, इसलिए ध्यान दें और इलाज करवाएं। गंजे हो रहे हैं तो अपनाइये ये 20 तरीके महिलाओं में गंजेपन को दूर करने का
उपचार:
1. आप लोशन, पेर्म, क्रीम और अन्य प्रकार के कॉस्मेटिक का इस्तेमाल कर सकती है जो आपके बालों को झड़ने से बचाएं।
2. आप प्रोफेशनल काउंसलिंग करवा लें।
3. डॉक्टर से सही और बेहतर उपचार के बारे में पूछें।
4. हेयर ट्रांसप्लांट करवा लें। आजकल बालों को ट्रांसप्लांट करने की काफी नई-नई तकनीकी ईजाद हुई हैं जो गंजेपन की समस्या को दूर कर देते है
इसके अलावा बालों को झड़ने से रोकने के लिए यदि आप समय रहते देखभाल करलें। तो आपको गंजेपन का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे पूरी तरस से रोका नहीं जा सकता लेकिन इसकी समयावधि को बढ़ाया जा सकता है। आपको बता दें बालों की देखभाल आप घरेलू और के लिए आपको अपने घर से शुरुआत करनी पड़ेगी।
गंजापन क्या है
गंजापन की स्थिति में सिर के बाल बहुत कम रह जाते हैं। गंजापन कम या अधिक हो सकता है। गंजापन को एलोपेसिया भी कहते हैं। जब असामान्य रूप से बाल बहुत तेजी से झड़ने लगते हैं तो नये बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते या फिर पहले के मुकाबले बाल पतले या कमजोर उगते हैं। इस कारण बालों का कम होना या कम घना होना शुरू हो जाता है ऐसी स्थिति गंजेपन की ओर जाती है।
गंजेपन के प्रकार
1.एंड्रोजेनिक एलोपेसिया- यह सबसे ज्यादा लोगों में होने वाला गंजापन है और महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है। इसीलिए इसे पुरुषों का गंजापन भी कहा जाता है। यह स्थायी गंजापन है और एक खास ढंग से सिर पर उभरता है। यह कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर पीछे की ओर बढ़ता है। यह जवानी के बाद किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है और व्यक्ति को आंशिक रूप से या पूरी तरह गंजा कर सकता है। इस गंजेपन के लिए मुख्यत: टेस्टोस्टेरॉन नामक हारमोन संबंधी बदलाव और आनुवंशिकता जिम्मेदार होती है।
2. एलोपेसिया एरीटा- इसमें सिर के अलग-अलग हिस्सों में बाल गिर जाते हैं, जिससे सिर पर गंजेपन का पैच लगा सा दिखाई देता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधी शक्ति कम होने के कारण होता है।
3. ट्रैक्शन एलोपेसिया- यह अलग तरह का गंजापन है, लंबे समय तक एक ही ढंग से बाल के खिंचे रहने के कारण होता है। जैसे कोई खास तरह से हेयरस्टाइल या चोटी रखना। लेकिन हेयरस्टाइल बदल देने यानी बाल के खिंचाव को खत्म कर देने के बाद बालों का झड़ना रोका जा सकता है।
आमतौर पर पुरुषों में गंजापन के लिए मेल हार्मोन को जिम्मेदार ठहराया जाता है। यही वजह है महिलाओं में गंजापन आमतौर बहुत कम देखने को मिलता है। साथ ही गंजापन जेनेटिक भी होता है और पीढ़ी दर पीढ़ी इसका असर रहता है। जब आपको लगे कि आपके गंजपन का समय आ गया है तो आप कुछ घरेलू नुस्खे के जरिए गंजेपन के समय को बढ़ा सकते हैं। वैसे गंजेपन के लिए और भी कारण हैं। जिनमें फैशन और मॉर्डन दिखने की चाह भी शामिल है। जिसके चलते लोगों में बालों के साथ प्रयोग करने की प्रवृति बढ़ी है। बदलते फैशन के साथ बालों का फैशन भी बदलता रहता है। कभी कट बदलता है, तो कभी बालों का रंग। बालों की खूबसूरती के लिए केमिकलयुक्त प्रोडक्ट इस्तेमाल करने में भी आजकल लोग गुरेज नहीं करते हैं।
गलत जीवनशैली, अधिक प्रदूषण या शरीर में पोषक तत्वों की कमीं, इन्हें भी बालों के झड़ने या गंजेपन के लिए जिम्मेदार माना जाता हैं। हार्मोनल बदलाव छोड़कर ये सभी इसके बड़े कारण हो सकते हैं। ऐसे में शरीर के पोषक तत्वों की कमीं को पूरा करने के लिए आपको अपनी डाइट पर ध्यान देना होगा। जिससे आपको काफी हद तक गंजेपन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
गंजेपन के कारण
आनुवंशिक कारणों या उम्र बढ़ने से
भावनात्मक या शारीरिक तनाव की वजह से
गंभीर रूप से बीमार पड़ने या बुखार होने से
हार्मोन में परिवर्तन से
किसी खास चिकित्सीय कारण, जैसे कैंसर केमोथेरेपी या अत्यधिक विटामिन ए की वजह से
एक खास ढंग से बाल को लंबे समय तक खींचे रखने से
उपचार
1. हेयर ट्रांसप्लांटेशन
इसमें सिर के उन हिस्सों से बाल लिए जाते हैं जहां अब भी बाल उग रहे होते हैं। यहां से हेयर-ग्रंथियां लेकर उन्हें गंजेपन से प्रभावित हिस्सों में ट्रांसप्लांट किया जाता है। इसमें त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बहुत कम होता है और उन हिस्सों में नुकसान होने की संभावना कम होती है जहां से केश-ग्रंथियां ली जाती है।
2. दवाओं से
आजकल बाजार में गंजेपन को रोकने के लिए ढेरों दवाईयां और तेल उपलब्ध हैं। जिनके उपयोग से बाल गिरने रुक जाते हैं और नये बाल उगने लगते हैं। इस तरह की मेडीसिन रक्त वाहिनियों को मजबूत बनाती हैं जिससे प्रभावित हिस्सों में रक्तसंचार और हार्मोन की आपूर्ति बढ़ जाती है और बाल गिरना बंद हो जाते हैं। इसलिए आप चिकित्सक की सलाह लेकर गंजेपन को रोकने में सहायता ले सकते हैं। देखने में आया है कि कई मामलों में नये बाल भी उगने लगते हैं। ये दवाएं बालों का गिरना कम तो कर सकती हैं पर अधिकांश मामलों में देखा गया है कि दवाएं लेना बंद कर देने से नये उगे बाल पुन: झड़ जाते हैं। इनसे खोपड़ी खुजलाने जैसे कुछ साइड इफेक्ट होना भी आम बात है।
इनके अलावा, कोर्टिकोस्टराइड नामक एक इंजेक्शन भी है जो एलोपेसिया एरीटा के मामले में खोपड़ी की त्वचा में दी जाती है। यह उपचार आम तौर पर हर महीने दोहराया जाता है। कई बार डॉक्टर एलोपेसिया एरीटा के चलते अत्यधिक बाल गिरने पर कोर्टिकोस्टराइड टेबलेट खाने की सलाह भी देते हैं।
3. कॉस्मेटिक उपचार
सिंथेटिक बाल- गंजेपन से प्रभावित हिस्से को ढकने के लिए निर्मित बालों का प्रयोग किया जा सकता है। इन बालों के नीचे की खोपड़ी को नियमित रूप से धोते रहना आवश्यक है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। एक और तरीका है कृत्रिम बालों की बुनाई कराना, जिसके तहत मौजूदा बालों के साथ कृत्रिम केशों की बुनाई की जाती है।
महिलाओं में गंजेपन का कारण
पहले ऐसा लगता था कि पुरूष ही गंजे होते है और महिलाओं के बाल झड़ते हैं। लेकिन अब थोड़ा ट्वीस्ट है, महिलाओं में भी गंजेपन की समस्या सामने आने लगी है। आपको बता दें कि हर बाल एक छेंद पर उगता है उसे फोलीसाइल कहते हैं। जैसे-जैसे फोलीसाइल सिकुड़ते है तो बाल झड़ते है और वहां गंजापन हो जाता है। महिलाओं में भी ये समस्या देखने को मिलती है। कई बार इसी समस्या के चलते लम्बे और मोटे बाल, छोटे और पतले बालों में बदल जाते हैं। महिलाओं में एकदम से कभी भी गंजापन नहीं होता है। पहले उनके बाल झड़ते हैं, पतले होते और बाद में गंजापन हो जाता है।
बालों को झड़ने से रोकेगा यह घरेलू उपचार महिलाओं में गंजापन होने के कारण निम्न प्रकार हैं:
1.आनुवांशिक गुण या परिवार में पहले भी मां या दादी, नानी के बालों का इस तरह झड़ना।
2. उम्र बढ़ने के कारण
3. सर्जरी, कीमोथरेपी या किसी दवा के प्रभाव के कारण।
4. मेनोपॉज के कारण ऐसी समस्या आने पर आपको डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए, ताकि वह आपका सही प्रकार ट्रीटमेंट करवा सकें। गंजेपन की समस्या महिलाओं और पुरूषों, दोनों में होती है। लेकिन इसमें कोई झिझकने की बात नहीं है, आप डॉक्टर से मिलें और अपनी समस्या बताकर सही इलाज करवाएं। पुरूषों में गंजेपन की शुरूआत कनपटी से होती है और वहीं महिलाओं में गंजेपन की शुरूआत बीच की मांग से होती है। दोनों में ही गंजेपन के भिन्न कारण होते हैं, इसलिए ध्यान दें और इलाज करवाएं। गंजे हो रहे हैं तो अपनाइये ये 20 तरीके महिलाओं में गंजेपन को दूर करने का
उपचार:
1. आप लोशन, पेर्म, क्रीम और अन्य प्रकार के कॉस्मेटिक का इस्तेमाल कर सकती है जो आपके बालों को झड़ने से बचाएं।
2. आप प्रोफेशनल काउंसलिंग करवा लें।
3. डॉक्टर से सही और बेहतर उपचार के बारे में पूछें।
4. हेयर ट्रांसप्लांट करवा लें। आजकल बालों को ट्रांसप्लांट करने की काफी नई-नई तकनीकी ईजाद हुई हैं जो गंजेपन की समस्या को दूर कर देते है
इसके अलावा बालों को झड़ने से रोकने के लिए यदि आप समय रहते देखभाल करलें। तो आपको गंजेपन का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे पूरी तरस से रोका नहीं जा सकता लेकिन इसकी समयावधि को बढ़ाया जा सकता है। आपको बता दें बालों की देखभाल आप घरेलू और के लिए आपको अपने घर से शुरुआत करनी पड़ेगी।

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