सोशल नेटवर्किंग साइट, वाह्टसअप, वी चैट, लाइन, टेलीग्राम, हाइक जैसी एप्लीकेशन और ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज युवाओं के साथ-साथ सभी उम्र के लोगों में बहुत तेजी से बढ़ा है। जिसके चलते इनके बीच गलाकाट कंपीटशन भी चरम पर है। सभी कंपनियां युवाओं को अपनी ओर लुभाने के लिए नये-नये फीचर के साथ अपने को अपडेट कर रही हैं। गौरतलब है कि 1 जनवरी से फेसबुक भी अपने यूजर के लिए नई पॉलिसी और अपडेट के साथ आ रही है। लेकिन इसके साथ यूजर को इस तरह के एप्लीकेशन को इस्तेमाल करते वक्त कुछ सावधानियां रखनी
चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही साइबर संसार में आपकी फजीहत और कानूनी पेंच में फंसा सकती है। ऐसे में साइबर कानून की थोड़ी सी जानकारी आपको सेफ रहने में मदद कर सकती है।
क्या है साइबर क्राइम
इंटरनेट के ज़रिए किए जाने वाले अपराधों को साइबर क्राइम कहते हैं। जैसे आपके बैंक खाते की जानकारी लेकर उससे पैसा चुराना, आपके क्रैडिट कार्ड से चीज़ें ख़रीदना, स्वयं को एक कम्पनी दिखाकर लोगों से निवेश कराना, सॉफ़्टवेयर की चोरी, दोषपूर्ण सॉफ़्टवेयर भेजकर कम्प्यूटर को दूषित करना या किसी कम्प्यूटर सिस्टम में ग़ैर क़ानूनी रूप से घुसना। इसमें हैकिंग, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, साइबर स्टॉकिंग, कम्प्यूटर सोर्स कोड के प्रसारण, नश्नता तथा बौद्धिक संपदा, कॉपीराइटर तथा ट्रेडमार्क से जुड़े अपराध आते हैं। फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करना, किसी जाति, समुदाय या धर्म के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी या केंपन चलाना। ये सभी साइबर क्राइम में आते हैं।
आज हम आपको बता रहे हैं सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, टिवटर और मैसेज एप्लीकेशन वाह्टस अप के बारे में। आज यह हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा हैं। इसके बिना आप डेली लाइफ की कल्पना नहीं कर सकते। फैमिली, फ्रेंडस, ऑफिस, स्कूल कॉलेज और बिजनेस वर्ल्ड में इसने तेजी पकड़ बनाई है। लेकिन इसके साथ ही इस साइबर दुनिया में विवाद और अपराधों के मामले भी तेजी से बढ़ रहें हैं। साइबर क्राइम में हम आपको आज बता रहें कुछ सावधानियां। यदि आप इनको अपना लेंगे तो काफी हद तक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।
सावधान! फेसबुक पर करेंगे ये गलतियां तो होगी जेल
हमारे देश में सोशल मीडिया का क्रेज पिछले कुछ सालों में जरूर बढ़ा है। लेकिन लोग पूरी जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम ही करते हैं। फर्जी एकाउंट बनाना, भद्दे कमेंट करना, आपत्तिजनक कंटेट पोस्ट करना, ऑनलाइन उत्पीड़न या एकांउट हैक करने की आदत बहुत से यूजर्स को होती है। लेकिन यह सोचना गलत है कि आप सोशल मीडिया पर अपनी मनमानी करते रहेंगे और कोई आपका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा। ऐसा करने पर सजा तो होगी ही, भविष्य भी चौपट हो सकता है।
कमेंट करने में जल्दबाजी ना करें
सोशल साइट्स पर किसी पोस्ट पर कमेंट या लाइक करने से पहले एक बार ध्यान से जरुरु पढ़ लें। यदि कंटेट आपत्तिजनक है, तो उस पर कमेंट या लाइक न बिल्कुल करें। अगर आपने ऐसी पोस्ट पर कमेंट या लाइक किया तो कंटेट पोस्ट करने वाले के साथ-साथ आपको भी आईटी एक्ट के तहत सजा हो सकती है।
कंटेट से बढ़ सकती हैं मुसीबतें
सोशल साइट्स पर कंटेंट पोस्ट करने से पहले सोच-समझ लें। यदि आपका पोस्ट अश्लील, भड़काऊ, मानहानि करने वाला या किसी की छवि खराब करने वाला है या उससे किसी की प्राइवेसी भी भंग होती है, तो आप पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। साम्प्रदायिक माहौल खराब करने वाला और अफवाह फैलाने वाला कंटेंट पोस्ट न करें। किसी का मजाक बनाना, फोटो से छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणी से भी आप कानून के दायरे में फंस सकते हैं। ऐसा करने पर आपको आईटी एक्ट के तहत सजा हो सकती है। एक्ट की धारा 66ए के तहत तीन साल की सजा और पांच लाख का जुर्माना हो सकता है।
फर्जी एकांउट
किसी अन्य व्यक्ति के नाम से एकाउंट बनाना और उसका फोटो इस्तेमाल करना कानूनी तौर पर गलत है। ऐसा करने पर आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत तीन साल की सजा हो सकती है। दूसरे व्यक्ति के एकांउट से छेड़छाड़, हैकिंग या फिर इस्तेमाल करने पर भी आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत सजा हो सकती है।
ऑनलाइन शोषण या पोर्नोग्राफी
सोशल साइट्स पर अश्लील सामग्री का आदान-प्रदान, किसी के सेक्सुअल एक्ट को सर्कुलेट करना, चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना या भेजना, किसी का ऑनलाइन शोषण करना भी कानूनी तौर पर गलत है। इससे जुड़ी शिकायत होने पर पांच साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।
एक्सपर्ट कहते हैं
सोशल साइट्स पर तफरी करते हुए बहुत से लोग सोचते हैं कि वो पकड़े नहीं जा सकते। लेकिन सोशल साइट्स का सबसे बड़ा पहलू यह है कि आप गुमनाम नहीं है और आपकी पहचान हर हाल में हो सकती है। यदि आप कुछ भी गलत करते हैं, तो जरूर पकड़े जाएंगे। किसी का ऑनलाइन शोषण, किसी की छवि खराब करना, साम्प्रदायिकता, पोर्नोग्राफी आदि या किसी गलत कंटेट पर लाइक और साइबर टेरेरिज्म का समर्थन आदि आपको मुसीबत में डाल सकता है। इसलिए सोशल मीडिया को सोशल ही रहने दें मनमानी का अड्डा न बनाएं। -पवन दुग्गल, साइबर लॉ एक्सपर्ट, नई दिल्ली
फेसबुक पर थोड़ी सी सावधानी और जिदंगी खुशहाल
फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले अधिकांशत: बेसिक सेटिंग्स से ही वाकिफ होते हैं। लोग अक्सर सेटिंग को इग्नोर कर जाते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। यहां हम ऐसी ही कुछ सेटिंग के बारे में बता रहे हैं, जिनका खयाल रखना जरूरी है।
1.कौन पहुंचेगा About तक
यह स्टेप अपनी बेसिक इन्फर्मेशन यानी पता, नंबर आदि को पब्लिक से छिपाने के लिए है। प्रोफाइल पेज पर जाएं और About पर क्लिक करें। यहां जिस सेक्शन में आप Edit का ऑप्शन चुनेंगे, वहां ऑडियंस सिलेक्ट करें यानी आप किसे यह जानकारी दिखाना चाहते हैं, का ऑप्शन आएगा। इसमें Public, Friends, Friends of Friends, Only Me या Custom जैसे ऑप्शन होंगे। यहां मौजूद सेंसिटिव जानकारी में Only Me पर क्लिक करें या फिर Custom में जाकर चुनिंदा लोगों को ही इस जानकारी तक पहुंचने का हक दें।
2.कौन देख सकता है: ऐक्टिविटी ताले पर क्लिक करते ही आपके सामने यही सवाल आएगा कि कौन आपकी ऐक्टिविटी देख सकता है। Custom सेटिंग्स में जाकर चुनिंदा लोगों तक ऐक्टिविटी को सीमित करें।
3.कौन कर सकता है कॉन्टैक्ट
ताले पर क्लिक करते ही who can contact me? का ऑप्शन आएगा। इसमें जाकर Strict Filtering का ऑप्शन चुनें। इससे आपके दोस्त तो आपको मेसेज कर सकेंगे, लेकिन अजनबी परेशान नहीं कर सकेंगे। इस सेक्शन में यह ऑप्शन भी है कि आपको कौन फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज सकता है। हो सके, तो इसे भी फ्रेंड ऑफ फ्रेंड तक सीमित करें। इस सेटिंग से अनचाहे लोगों के फ्रेंड लिस्ट में आने के चांस घट जाते हैं।
4.फोटो करें सेफ
फेसबुक पर आपकी सबसे कमजोर कड़ी आपकी तस्वीरें हैं। इन्हें शेयर करते वक्त पूरी सावधानी रखें। फोटो शेयर करते वक्त डायलॉग बॉक्स के नीचे राइट में छोटे से v शेप के ऑप्शन पर क्लिक करके ऑडिएंस यानी जिन्हें इस तस्वीर को देखने के राइट देने हैं, को सेलेक्ट करें।
5.जुबान संभालकर
ऐसा ही मसला स्टेटस शेयर करने के वक्त होता है। आपकी हर गतिविधि और मूड के बारे में आपके स्टेटस से पता चल जाता है इसलिए स्टेटस शेयर करते वक्त भी ऑडियंस को सही तरीके से सिलेक्ट करें। स्टेटस का अपडेशन आपकी लोकेशन और तत्कालीन गतिविधियों के बारे में दूसरों को बताता रहता है, इसलिए इसे सेफ रखना जरूरी है।
6.टैगिंग से बचें
कई बार दोस्तों के टैग आपके राज खोल देते हैं। इसके लिए ताले के निशान पर क्लिक करें और see more settings पर जाएं। वहां Timeline and Tagging पर जाकर How can I manage tags people add and tagging suggestions? पर जाएं। Review tags people add to your own posts before the tags appear on Facebook? को Enable करें। ऐसा करने से जब भी कोई आपको टैग करेगा तो वह पोस्ट आपकी परमिशन के आपकी वॉल पर शेयर नहीं हो सकती। परमिशन देने से पहले ऑडियंस सिलेक्ट कर सकते हैं।
फेसबुक पर जन्मदिन की बधाइयां हमसभी को अच्छी लगती हैं। पर वहां जन्मतिथि शेयर कर हम साइबर चोरों को एक निजी जानकारी दे देते हैं। बहतर होगा कि तारीख लिखें, पर साल नहीं। साथ ही, रिलेशनशिप स्टेटस की जानकारी बिल्कुल शेयर न करें। आप कब सिंगल थे और कब रिलेशनशिप में आ गए, इस चीज से कोई आपकी मुसीबत बढ़ा सकता है। हर चीज फेसबुक पर अपडेट करना भी गलत है। अगर आप आउट ऑफ स्टेशन हैं या किसी रेस्तरां, पब में गए हुए हैं, तो जालसाज आपके पीछे लग सकते हैं। अभिभावकों को इसका ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा अपने स्टेटस में यह न लिखे कि वह घर में अकेला है। ऐसा करके अनजाने में अजनबियों को अपनी जानकारी देते हैं, जिसका वे फायदा उठा सकते हैं। अपनी प्रोफाइल में ज्यादा से ज्यादा प्राइवेसी सेटिंग बनाकर रखें। ध्यान रखें, सोशल मीडिया में कई जालसाज लोग भी हैं, जो आपराधिक कामों के अलावा फर्जीवाडे़ को अंजाम दे रहे हैं। इसलिए अपनी तरफ से सावधानी बरतने में कोई बुराई नहीं है। सावधानी में ही सुरक्षा है और आप इस मीडिया का बेहतर लाभ उठा सकते हैं।
फेसबुक का नया वर्जन "फेसबुक ऑफिस"
अगर आप ऑफिस में काम के दौरान फेसबुक का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं? तो फिक्र मत कीजिए फेसबुक ने इसका हल ढूंढ लिया है। फेसबुक ऑफिस में इस्तेमाल के लिए नया वर्जन तैयार कर रही है। जो बहुत जल्द ही आप लोगों के बीच होगा। जानकारी के मुताबिक फेसबुक का नया ऑफिस वर्जन प्रोफेशनल साइट लिंक्डइन की तर्ज पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक गुप्त तरीके से एक नई वेबसाइट तैयार रहा है, जिसका नाम 'फेसबुक ऐट वर्क' (Facebook at Work') है। इस वेबसाइट पर यूजर अपने ऑफिस के सहकर्मियों से चैट कर सकेंगे, प्रोफेशनल कॉन्टेक्ट से जुड़े रह सकेंगे और किसी डॉक्युमेंट्स पर मिलकर काम कर सकेंगे।
फेसबुक ने पिछले महीने बताया था कि उसका तिमाही मुनाफा करीब दोगुना होकर 802 मिलियन डॉलर (करीब 4900 करोड़ रुपए) हो चुका है। मार्क जकरबर्ग ने कहा था कि भविष्य की तैयारी के लिए भारी निवेश करने वाले हैं ताकि हर किसी को जोड़ा जा सके, दुनिया को समझा जा सके और नई पीढ़ी के कंप्यूटिंग प्लैटफॉर्म्स बनाए जा सकें। हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है।
क्या है फेसबुक का Say Thanks
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक एक ऐसा जरिया है जिससे लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ हमेशा संपर्क रह सकते हैं। फेसबुक ने पोस्ट और मैसेज के अलावा एक दिलचस्प फीचर 'Say Thanks' शुरू किया, जिसकी सहायता से यूजर्स अपने दोस्तों के लिए पर्सनल वीडियोकार्ड बना सकते हैं। फेसबुक ने एक ब्लाग पोस्ट में कहा है फेसबुक यूजर्स अब अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या सहकर्मियों के लिए जितने चाहें पर्सनलाइजड वीडियो बना सकते हैं।
ऐसे कहें थैंक्स
'से थैंक्स' वीडियो बनाने के लिए यूजर्स को एक दोस्त चुनना होगा और वीडियो बन जाएगा। उसके बाद फोटो एडिट करें और प्रिव्यू देखें। यहां आप 45 सेकेंड 'से थैंक्स' वीडियो बनाकर उसे शेयर भी कर सकते हैं। यह पहल दुनिया भर में अंग्रेजी सहित प्रमुख भाषा में शुरू की जा रही है। इस फीचर का इस्तेमाल डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर किया जा सकता हैं। दुनिया भर में फेसबुक के 1.3 अरब यूजर्स हैं जबकि भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग फेसबुक इस्तेमाल करते हैं।
30 प्रतिशत स्कूली बच्चे हो रहे हैं साइबर क्राइम के शिकार
आज जमाना 3G-4G का है, बच्चे आंख खोलते ही कंप्यूटर औऱ मोबाइल फोन से परीचित होते हैं इसलिए अधिकांश बच्चों के पास इंटरनेट सुविधा देखने को मिलती है। लेकिन वहीं दूसरी ओर यह बच्चों के साइबर क्राइम में फंसने का कारण भी बन रही है।
यूनीनॉर के एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि भारत में 30 प्रतिशत स्कूली बच्चे साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं। इस स्टडी में कहा गया है कि भारत में स्कूल जाने वाले लगभग 30 फीसदी बच्चे इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन ये 30 प्रतिशत बच्चे रोज ना रोज साइबर क्राइम जैसे, साइबर बदमाशी, साइबर स्टॉकिंग, मानहानि और हैकिंग जैसी चीजों का सामना करते हैं। यह अध्ययन यूनीनॉर ने सात राज्यों के 29 स्कूलों में किया जिसमें लगभग 10,500 छात्रों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि 2013 की शुरुआत में टेलीनॉर समूह और बॉस्टन परामर्श समूह के एक अध्ययन में बताया गया था कि 2017 तक भारत के 13.4 करोड़ बच्चे इंटरनेट पर सक्रिय हो जाएंगे, जबकि 2012 में यह संख्या 3.95 करोड़ थी। यह अध्ययन 12 देशों में कराया गया था, जिसमें बताया गया था कि भारतीय बच्चे सबसे बुरे जोखिम का सामना करे रहे हैं। 34 फीसदी बच्चे अपनी ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में अपने माता-पिता से शायद ही कभी बात करते हो। इसके पीछे कारण पैरेण्टस का अत्यधिक बिजी होना है या फिर बच्चों में मां-बाप का डर है।
साइबर क्राइम: हर साल 445 अरब डॉलर का नुकसान
बढ़ते साइबर अपराध के कारण हर साल दुनिया की अर्थव्यवस्था को 445 अरब डालर का नुकसान हो रहा है। इसमें बौद्धिक संपदा को होने वाले नुकसान के अलावा 160 अरब डालर का व्यक्तितगत नुकसान भी शामिल है। अमरीका के वाशिंगटन स्थित सेंटर फार स्ट्रेटिजिक एंडइंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) ने अपनी शोध रिपोर्ट में बताया कि साइबर अपराधों के कारण व्यापार, प्रतिस्पर्द्धा और शोध को नुकसान पहुंच रहा है। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को कम से कम 375 अरब डालर और अधिकतम 575 अरब डालर का सालाना नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक औसत नुकसान 445 अरब डालर वार्षिक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराध से सबसे ज्यादा नुकसान दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को हो रहा है। कुल 445 अरब डालर के नुकसान में अमरीका, चीन, जापान और जर्मनी का नुकसान 200 अरब डालर का है। व्यक्तिगत नुकसानों में बैंक खातों या क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराकर चूना लगाने जैसे मामलों को रखा गया है। व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर साइबर अपराध के जरिये सालाना 150 अरब डालर का नुकसान हो रहा है।
इंटेल कोर्पोरेशन की एंटी वायरस बनाने वाली यूनिट मैकैफी द्वारा प्रायोजित इस शोध की रिपोर्ट के अनुसार हर सातवां अमरीकी हैकिंग का शिकार है। लगभग चार करोड़ अमरीकियों की निजी जानकारी हैक की गई है जो कुल आबादी का 15 प्रतिशत है।
इसके अलावा हैकिंग के बड़े मामलों में तुर्की में पांच करोड़ 40 लाख, जर्मनी में एक करोड़ 60 लाख और चीन में दो करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। मैकै फी ने बताया कि साइबर अपराध रोकने की दिशा में अंताराष्ट्रीय प्रयास के परिणाम दिखने लगे हैं और साइबर अपराध कम हो रहे हैं, इसी का नतीजा था कि पिछले सप्ताह गेमओवर जीअस नामक वायरस फैलाने वालों को पकड़ने में कामयाबी मिली, जिसने दुनिया भर में हजारों कंप्यूटरों को प्रभावित किया था।
चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही साइबर संसार में आपकी फजीहत और कानूनी पेंच में फंसा सकती है। ऐसे में साइबर कानून की थोड़ी सी जानकारी आपको सेफ रहने में मदद कर सकती है।
क्या है साइबर क्राइम
इंटरनेट के ज़रिए किए जाने वाले अपराधों को साइबर क्राइम कहते हैं। जैसे आपके बैंक खाते की जानकारी लेकर उससे पैसा चुराना, आपके क्रैडिट कार्ड से चीज़ें ख़रीदना, स्वयं को एक कम्पनी दिखाकर लोगों से निवेश कराना, सॉफ़्टवेयर की चोरी, दोषपूर्ण सॉफ़्टवेयर भेजकर कम्प्यूटर को दूषित करना या किसी कम्प्यूटर सिस्टम में ग़ैर क़ानूनी रूप से घुसना। इसमें हैकिंग, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, साइबर स्टॉकिंग, कम्प्यूटर सोर्स कोड के प्रसारण, नश्नता तथा बौद्धिक संपदा, कॉपीराइटर तथा ट्रेडमार्क से जुड़े अपराध आते हैं। फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करना, किसी जाति, समुदाय या धर्म के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी या केंपन चलाना। ये सभी साइबर क्राइम में आते हैं।
आज हम आपको बता रहे हैं सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, टिवटर और मैसेज एप्लीकेशन वाह्टस अप के बारे में। आज यह हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा हैं। इसके बिना आप डेली लाइफ की कल्पना नहीं कर सकते। फैमिली, फ्रेंडस, ऑफिस, स्कूल कॉलेज और बिजनेस वर्ल्ड में इसने तेजी पकड़ बनाई है। लेकिन इसके साथ ही इस साइबर दुनिया में विवाद और अपराधों के मामले भी तेजी से बढ़ रहें हैं। साइबर क्राइम में हम आपको आज बता रहें कुछ सावधानियां। यदि आप इनको अपना लेंगे तो काफी हद तक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।
सावधान! फेसबुक पर करेंगे ये गलतियां तो होगी जेल
हमारे देश में सोशल मीडिया का क्रेज पिछले कुछ सालों में जरूर बढ़ा है। लेकिन लोग पूरी जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम ही करते हैं। फर्जी एकाउंट बनाना, भद्दे कमेंट करना, आपत्तिजनक कंटेट पोस्ट करना, ऑनलाइन उत्पीड़न या एकांउट हैक करने की आदत बहुत से यूजर्स को होती है। लेकिन यह सोचना गलत है कि आप सोशल मीडिया पर अपनी मनमानी करते रहेंगे और कोई आपका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा। ऐसा करने पर सजा तो होगी ही, भविष्य भी चौपट हो सकता है।
कमेंट करने में जल्दबाजी ना करें
सोशल साइट्स पर किसी पोस्ट पर कमेंट या लाइक करने से पहले एक बार ध्यान से जरुरु पढ़ लें। यदि कंटेट आपत्तिजनक है, तो उस पर कमेंट या लाइक न बिल्कुल करें। अगर आपने ऐसी पोस्ट पर कमेंट या लाइक किया तो कंटेट पोस्ट करने वाले के साथ-साथ आपको भी आईटी एक्ट के तहत सजा हो सकती है।
कंटेट से बढ़ सकती हैं मुसीबतें
सोशल साइट्स पर कंटेंट पोस्ट करने से पहले सोच-समझ लें। यदि आपका पोस्ट अश्लील, भड़काऊ, मानहानि करने वाला या किसी की छवि खराब करने वाला है या उससे किसी की प्राइवेसी भी भंग होती है, तो आप पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। साम्प्रदायिक माहौल खराब करने वाला और अफवाह फैलाने वाला कंटेंट पोस्ट न करें। किसी का मजाक बनाना, फोटो से छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणी से भी आप कानून के दायरे में फंस सकते हैं। ऐसा करने पर आपको आईटी एक्ट के तहत सजा हो सकती है। एक्ट की धारा 66ए के तहत तीन साल की सजा और पांच लाख का जुर्माना हो सकता है।
फर्जी एकांउट
किसी अन्य व्यक्ति के नाम से एकाउंट बनाना और उसका फोटो इस्तेमाल करना कानूनी तौर पर गलत है। ऐसा करने पर आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत तीन साल की सजा हो सकती है। दूसरे व्यक्ति के एकांउट से छेड़छाड़, हैकिंग या फिर इस्तेमाल करने पर भी आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत सजा हो सकती है।
ऑनलाइन शोषण या पोर्नोग्राफी
सोशल साइट्स पर अश्लील सामग्री का आदान-प्रदान, किसी के सेक्सुअल एक्ट को सर्कुलेट करना, चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना या भेजना, किसी का ऑनलाइन शोषण करना भी कानूनी तौर पर गलत है। इससे जुड़ी शिकायत होने पर पांच साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।
एक्सपर्ट कहते हैं
सोशल साइट्स पर तफरी करते हुए बहुत से लोग सोचते हैं कि वो पकड़े नहीं जा सकते। लेकिन सोशल साइट्स का सबसे बड़ा पहलू यह है कि आप गुमनाम नहीं है और आपकी पहचान हर हाल में हो सकती है। यदि आप कुछ भी गलत करते हैं, तो जरूर पकड़े जाएंगे। किसी का ऑनलाइन शोषण, किसी की छवि खराब करना, साम्प्रदायिकता, पोर्नोग्राफी आदि या किसी गलत कंटेट पर लाइक और साइबर टेरेरिज्म का समर्थन आदि आपको मुसीबत में डाल सकता है। इसलिए सोशल मीडिया को सोशल ही रहने दें मनमानी का अड्डा न बनाएं। -पवन दुग्गल, साइबर लॉ एक्सपर्ट, नई दिल्ली
फेसबुक पर थोड़ी सी सावधानी और जिदंगी खुशहाल
फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले अधिकांशत: बेसिक सेटिंग्स से ही वाकिफ होते हैं। लोग अक्सर सेटिंग को इग्नोर कर जाते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। यहां हम ऐसी ही कुछ सेटिंग के बारे में बता रहे हैं, जिनका खयाल रखना जरूरी है।
1.कौन पहुंचेगा About तक
यह स्टेप अपनी बेसिक इन्फर्मेशन यानी पता, नंबर आदि को पब्लिक से छिपाने के लिए है। प्रोफाइल पेज पर जाएं और About पर क्लिक करें। यहां जिस सेक्शन में आप Edit का ऑप्शन चुनेंगे, वहां ऑडियंस सिलेक्ट करें यानी आप किसे यह जानकारी दिखाना चाहते हैं, का ऑप्शन आएगा। इसमें Public, Friends, Friends of Friends, Only Me या Custom जैसे ऑप्शन होंगे। यहां मौजूद सेंसिटिव जानकारी में Only Me पर क्लिक करें या फिर Custom में जाकर चुनिंदा लोगों को ही इस जानकारी तक पहुंचने का हक दें।
2.कौन देख सकता है: ऐक्टिविटी ताले पर क्लिक करते ही आपके सामने यही सवाल आएगा कि कौन आपकी ऐक्टिविटी देख सकता है। Custom सेटिंग्स में जाकर चुनिंदा लोगों तक ऐक्टिविटी को सीमित करें।
3.कौन कर सकता है कॉन्टैक्ट
ताले पर क्लिक करते ही who can contact me? का ऑप्शन आएगा। इसमें जाकर Strict Filtering का ऑप्शन चुनें। इससे आपके दोस्त तो आपको मेसेज कर सकेंगे, लेकिन अजनबी परेशान नहीं कर सकेंगे। इस सेक्शन में यह ऑप्शन भी है कि आपको कौन फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज सकता है। हो सके, तो इसे भी फ्रेंड ऑफ फ्रेंड तक सीमित करें। इस सेटिंग से अनचाहे लोगों के फ्रेंड लिस्ट में आने के चांस घट जाते हैं।
4.फोटो करें सेफ
फेसबुक पर आपकी सबसे कमजोर कड़ी आपकी तस्वीरें हैं। इन्हें शेयर करते वक्त पूरी सावधानी रखें। फोटो शेयर करते वक्त डायलॉग बॉक्स के नीचे राइट में छोटे से v शेप के ऑप्शन पर क्लिक करके ऑडिएंस यानी जिन्हें इस तस्वीर को देखने के राइट देने हैं, को सेलेक्ट करें।
5.जुबान संभालकर
ऐसा ही मसला स्टेटस शेयर करने के वक्त होता है। आपकी हर गतिविधि और मूड के बारे में आपके स्टेटस से पता चल जाता है इसलिए स्टेटस शेयर करते वक्त भी ऑडियंस को सही तरीके से सिलेक्ट करें। स्टेटस का अपडेशन आपकी लोकेशन और तत्कालीन गतिविधियों के बारे में दूसरों को बताता रहता है, इसलिए इसे सेफ रखना जरूरी है।
6.टैगिंग से बचें
कई बार दोस्तों के टैग आपके राज खोल देते हैं। इसके लिए ताले के निशान पर क्लिक करें और see more settings पर जाएं। वहां Timeline and Tagging पर जाकर How can I manage tags people add and tagging suggestions? पर जाएं। Review tags people add to your own posts before the tags appear on Facebook? को Enable करें। ऐसा करने से जब भी कोई आपको टैग करेगा तो वह पोस्ट आपकी परमिशन के आपकी वॉल पर शेयर नहीं हो सकती। परमिशन देने से पहले ऑडियंस सिलेक्ट कर सकते हैं।
फेसबुक पर जन्मदिन की बधाइयां हमसभी को अच्छी लगती हैं। पर वहां जन्मतिथि शेयर कर हम साइबर चोरों को एक निजी जानकारी दे देते हैं। बहतर होगा कि तारीख लिखें, पर साल नहीं। साथ ही, रिलेशनशिप स्टेटस की जानकारी बिल्कुल शेयर न करें। आप कब सिंगल थे और कब रिलेशनशिप में आ गए, इस चीज से कोई आपकी मुसीबत बढ़ा सकता है। हर चीज फेसबुक पर अपडेट करना भी गलत है। अगर आप आउट ऑफ स्टेशन हैं या किसी रेस्तरां, पब में गए हुए हैं, तो जालसाज आपके पीछे लग सकते हैं। अभिभावकों को इसका ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा अपने स्टेटस में यह न लिखे कि वह घर में अकेला है। ऐसा करके अनजाने में अजनबियों को अपनी जानकारी देते हैं, जिसका वे फायदा उठा सकते हैं। अपनी प्रोफाइल में ज्यादा से ज्यादा प्राइवेसी सेटिंग बनाकर रखें। ध्यान रखें, सोशल मीडिया में कई जालसाज लोग भी हैं, जो आपराधिक कामों के अलावा फर्जीवाडे़ को अंजाम दे रहे हैं। इसलिए अपनी तरफ से सावधानी बरतने में कोई बुराई नहीं है। सावधानी में ही सुरक्षा है और आप इस मीडिया का बेहतर लाभ उठा सकते हैं।
फेसबुक का नया वर्जन "फेसबुक ऑफिस"
अगर आप ऑफिस में काम के दौरान फेसबुक का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं? तो फिक्र मत कीजिए फेसबुक ने इसका हल ढूंढ लिया है। फेसबुक ऑफिस में इस्तेमाल के लिए नया वर्जन तैयार कर रही है। जो बहुत जल्द ही आप लोगों के बीच होगा। जानकारी के मुताबिक फेसबुक का नया ऑफिस वर्जन प्रोफेशनल साइट लिंक्डइन की तर्ज पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक गुप्त तरीके से एक नई वेबसाइट तैयार रहा है, जिसका नाम 'फेसबुक ऐट वर्क' (Facebook at Work') है। इस वेबसाइट पर यूजर अपने ऑफिस के सहकर्मियों से चैट कर सकेंगे, प्रोफेशनल कॉन्टेक्ट से जुड़े रह सकेंगे और किसी डॉक्युमेंट्स पर मिलकर काम कर सकेंगे।
फेसबुक ने पिछले महीने बताया था कि उसका तिमाही मुनाफा करीब दोगुना होकर 802 मिलियन डॉलर (करीब 4900 करोड़ रुपए) हो चुका है। मार्क जकरबर्ग ने कहा था कि भविष्य की तैयारी के लिए भारी निवेश करने वाले हैं ताकि हर किसी को जोड़ा जा सके, दुनिया को समझा जा सके और नई पीढ़ी के कंप्यूटिंग प्लैटफॉर्म्स बनाए जा सकें। हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है।
क्या है फेसबुक का Say Thanks
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक एक ऐसा जरिया है जिससे लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ हमेशा संपर्क रह सकते हैं। फेसबुक ने पोस्ट और मैसेज के अलावा एक दिलचस्प फीचर 'Say Thanks' शुरू किया, जिसकी सहायता से यूजर्स अपने दोस्तों के लिए पर्सनल वीडियोकार्ड बना सकते हैं। फेसबुक ने एक ब्लाग पोस्ट में कहा है फेसबुक यूजर्स अब अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या सहकर्मियों के लिए जितने चाहें पर्सनलाइजड वीडियो बना सकते हैं।
ऐसे कहें थैंक्स
'से थैंक्स' वीडियो बनाने के लिए यूजर्स को एक दोस्त चुनना होगा और वीडियो बन जाएगा। उसके बाद फोटो एडिट करें और प्रिव्यू देखें। यहां आप 45 सेकेंड 'से थैंक्स' वीडियो बनाकर उसे शेयर भी कर सकते हैं। यह पहल दुनिया भर में अंग्रेजी सहित प्रमुख भाषा में शुरू की जा रही है। इस फीचर का इस्तेमाल डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर किया जा सकता हैं। दुनिया भर में फेसबुक के 1.3 अरब यूजर्स हैं जबकि भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग फेसबुक इस्तेमाल करते हैं।
30 प्रतिशत स्कूली बच्चे हो रहे हैं साइबर क्राइम के शिकार
आज जमाना 3G-4G का है, बच्चे आंख खोलते ही कंप्यूटर औऱ मोबाइल फोन से परीचित होते हैं इसलिए अधिकांश बच्चों के पास इंटरनेट सुविधा देखने को मिलती है। लेकिन वहीं दूसरी ओर यह बच्चों के साइबर क्राइम में फंसने का कारण भी बन रही है।
यूनीनॉर के एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि भारत में 30 प्रतिशत स्कूली बच्चे साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं। इस स्टडी में कहा गया है कि भारत में स्कूल जाने वाले लगभग 30 फीसदी बच्चे इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन ये 30 प्रतिशत बच्चे रोज ना रोज साइबर क्राइम जैसे, साइबर बदमाशी, साइबर स्टॉकिंग, मानहानि और हैकिंग जैसी चीजों का सामना करते हैं। यह अध्ययन यूनीनॉर ने सात राज्यों के 29 स्कूलों में किया जिसमें लगभग 10,500 छात्रों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि 2013 की शुरुआत में टेलीनॉर समूह और बॉस्टन परामर्श समूह के एक अध्ययन में बताया गया था कि 2017 तक भारत के 13.4 करोड़ बच्चे इंटरनेट पर सक्रिय हो जाएंगे, जबकि 2012 में यह संख्या 3.95 करोड़ थी। यह अध्ययन 12 देशों में कराया गया था, जिसमें बताया गया था कि भारतीय बच्चे सबसे बुरे जोखिम का सामना करे रहे हैं। 34 फीसदी बच्चे अपनी ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में अपने माता-पिता से शायद ही कभी बात करते हो। इसके पीछे कारण पैरेण्टस का अत्यधिक बिजी होना है या फिर बच्चों में मां-बाप का डर है।
साइबर क्राइम: हर साल 445 अरब डॉलर का नुकसान
बढ़ते साइबर अपराध के कारण हर साल दुनिया की अर्थव्यवस्था को 445 अरब डालर का नुकसान हो रहा है। इसमें बौद्धिक संपदा को होने वाले नुकसान के अलावा 160 अरब डालर का व्यक्तितगत नुकसान भी शामिल है। अमरीका के वाशिंगटन स्थित सेंटर फार स्ट्रेटिजिक एंडइंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) ने अपनी शोध रिपोर्ट में बताया कि साइबर अपराधों के कारण व्यापार, प्रतिस्पर्द्धा और शोध को नुकसान पहुंच रहा है। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को कम से कम 375 अरब डालर और अधिकतम 575 अरब डालर का सालाना नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक औसत नुकसान 445 अरब डालर वार्षिक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराध से सबसे ज्यादा नुकसान दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को हो रहा है। कुल 445 अरब डालर के नुकसान में अमरीका, चीन, जापान और जर्मनी का नुकसान 200 अरब डालर का है। व्यक्तिगत नुकसानों में बैंक खातों या क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराकर चूना लगाने जैसे मामलों को रखा गया है। व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर साइबर अपराध के जरिये सालाना 150 अरब डालर का नुकसान हो रहा है।
इंटेल कोर्पोरेशन की एंटी वायरस बनाने वाली यूनिट मैकैफी द्वारा प्रायोजित इस शोध की रिपोर्ट के अनुसार हर सातवां अमरीकी हैकिंग का शिकार है। लगभग चार करोड़ अमरीकियों की निजी जानकारी हैक की गई है जो कुल आबादी का 15 प्रतिशत है।
इसके अलावा हैकिंग के बड़े मामलों में तुर्की में पांच करोड़ 40 लाख, जर्मनी में एक करोड़ 60 लाख और चीन में दो करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। मैकै फी ने बताया कि साइबर अपराध रोकने की दिशा में अंताराष्ट्रीय प्रयास के परिणाम दिखने लगे हैं और साइबर अपराध कम हो रहे हैं, इसी का नतीजा था कि पिछले सप्ताह गेमओवर जीअस नामक वायरस फैलाने वालों को पकड़ने में कामयाबी मिली, जिसने दुनिया भर में हजारों कंप्यूटरों को प्रभावित किया था।


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