Skip to main content

रितु बनी अल्पसंख्यक महिलाओं की नई रोशनी

सैंकड़ों महिलाओं का हुजूम, उदास आंखों में उम्मीद की आशा, कमर के बल झुकी अम्मा ने बहुत ही उम्मीद के साथ पूछा बिटिया मेरी पेंशन ही बंधवा दे। किसी महिला ने कहा कि बहन जी हमारा राशन कार्ड बनवा दो। हम गरीबों के लिए कुछ करवा दो मैडम जी। ऐसा ही कुछ मंजर था बुधवार को साहिबाबाद के गांव पसौंडा के नई रोशनी कार्यक्रम में। जिसे अलीशा एजूकेशनल एण्ड चैरीटेबल ट्रस्ट के सहयोग से संचालित किया गया।

गाजियाबाद की समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिला उपाध्यक्ष रितु खन्ना ने पसौंडा के पंचायती चौपाल पर महिलाओं को संबोधित करते हुए बताया कि "नई रोशनी" यूपी सरकार की अल्पसंख्यक महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजना है। अल्पसंख्यक मंत्रालय की इस योजना में जैन, पारसी, सिख, ईसाई, मुस्लिम और बौध की महिलाओं के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे इस वर्ग के परिवार भी समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकेंगे। हमारा उद्देश्य है महिलाएं अपने हक की लड़ाई कैसे लड़े, वोट का अधिकार क्या है?,  अपना बिजली का बिल कैसे भरें, बैंक में अपना खाता कैंसे चलाएं और साथ ही यूपी सरकार की पढ़े बेटियां-बढ़े बेटियां, 108 समाजवादी एंबूलेंस सेवा, 102 नेशनल एंबूलेंस सेवा, महिला सुरक्षा के लिए महिला पावरलाइन 1090, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए निशुल्क चिकित्सा योजना के बारे में जागरुक करना।

अलीशा एजूकेशनल एण्ड चैरीटेबल ट्रस्ट की प्रबंधक संतोष नेहरा ने मौजूद महिलाओं को जागरुक करते हुए कहा कि मैं आपको विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करूंगी और आपका सहयोग करुंगी।

पसौंडा गांव की बुजुर्ग महिला ने उम्मीद जताते हुए कहा कि देखो ये लोग क्या करते हैं। हम गरीबों की सुनने वाला तो कोई भी नहीं है। हमारा आज तक वोटर कार्ड और राशन कार्ड तक नहीं बन पाया है। जिन लोगों के पास वोटर कार्ड होते भी हैं तो वो मतदान भी नहीं कर पाते हैं। इन नेताओं की लड़ाई में हमारे वोट तक कट जाते हैं। महिलाओं के बीच में एक महिला ने चुटकी लेते हुए कहा कि वोटर कार्ड बड़ा या वोटर लिस्ट बड़ी।

Comments

Popular posts from this blog

बदहाल साहिबाबाद रेलवे स्टेशन

साहिबाबाद रेलवे स्टेशन दिल्ली के नजदीक होने के कारण काफी व्यस्त रहता है। यहां 98 पैंसेजर ट्रेन और 16 एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज़ हैं। जिनसे लगभग 50 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। यही रेलवे स्टेशन अनियमिताओं का शिकार है। पूरे परिसर में गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात है। बंदरों के आतंक से भी यह स्टेशन अछूता नहीं है। टिकट खिड़की परिसर में लगी हुई दोनों एटीवीएम मशीनें महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इस परिसर में तीन टिकट खिड़की हैं और एक पूछताछ कार्यालय है। जिसमें से अक्सर दो बंद ही रहती हैं। जिसके चलते यात्रियों को होने वाली असुविधाओं के बारे में जब स्टेशन मास्टर नरेश मलिक से बात की गई तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपना दामन बचाने की कोशिश की। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन मास्टर नरेश मलिक ने बताया कि कर्मचारियों की कमी हैं। मैं उनसे कहां तक काम करवाउं। पेयजल की बाधित व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यह इंजीनियरिंग विभाग का काम है। इसके बारे में आप इस विभाग से बात करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विभाग आपके आदेश के अधीन नहीं हैं तो उन्होंने चुप्पी साध ली। रेलवे स्टेशन पर ...

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिंदुत्व का कार्ड वर्सेस समाजवादी विकास कार्ड

अजय शर्मा वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश की सियासत में मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि और शाही मस्जिद को लेकर केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट के ऊपर संभल के सांसद और सपा नेता रहमान के बयान ने सियासी तड़का लगा दिया है.  सहारनपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह मैं अपनी रैली में जो कहा है वह अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि सहारनपुर में शाकुंभरी देवी के नाम पर विश्वविद्यालय बनेगा।  इससे उत्तर प्रदेश की सियासत में ध्रुवीकरण की संभावनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई है केशव प्रसाद मौर्य अपने बयान पर कायम है बीजेपी के प्रवक्ता हिंदुत्व और विकास की राजनीति की बात कर रहे हैं जिससे यह साफ हो गया है कि अब उत्तर प्रदेश की सियासत में कृष्ण जन्मभूमि ही चुनावी मुद्दा रहेगा.  आपको मैं यहां पर बता दूं जब पीवी नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे उस वक्त की सरकार ने वरशिप एक्ट 1991 मैं पास किया था। साल 1991 में रामजन्मभूमि आंदोलन चरम पर था. उस दौरान अयोध्या के साथ ही तमाम मंदिर-मस्जिद विवाद उठने लगे थे. ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की स...

नए साल की शुभकामनाएं

 नए साल के अवसर पर आपको शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव बहुत ही चुनौती वाला है.  क्योंकि कोशिश जब यह होती है आपको जीवन भर की खुशियां, प्यार, स्नेह, सफलता और  यह दुनिया आपके कदमों में झुके.  जब जीवन की आकांक्षा हो कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहे, आपके होठों पर हमेशा मुस्कुराहट खिलती रहे, आंखों में खुशियों की चमक हो.  जब आप  उसके कोमल दिल पर, उसके नव युवती जैसे अल्हड़पन पर, कभी घरेलू लड़की जैसी सादगी पर, रानी जैसे वैभवशाली व्यक्तित्व पर, उसकी दिलकश आवाज पर, उसकी ऐसी खूबसूरत आंखों पर जो अपने आप से रिश्ता कायम कर लेती है. जिस पर आप पहली मुलाकात में ही फिदा हो गए हो,  जिसका दुख, संघर्ष, तकलीफें, दर्द  आपको अंदर तक झकझोर देता हो, यह सब कुछ आपको अपना लगता हो और आप उसकी खुशी के लिए प्रार्थनाएं करते हो. उसकी चेहरे की मुस्कुराहट देखकर आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती हो.   ऐसी शख्सियत को नववर्ष की शुभकामना देते हुए शब्दों का चुनाव चुनौतीपूर्ण हो जाता है.   ऐसे में बहुत ही सादगी से कहने का मन करता है यह नया साल आपके लिए सभी खुशियां...