नयी दिल्ली
तहलका यौन उत्पीड़न मामले को दबाने के आरोप का सामना कर रही वरिष्ठ पत्रकार शोमा चौधरी ने साप्ताहिक पत्रिका के प्रबंध संपादक पद से आज इस्तीफा दे दिया । शोमा ने तहलका के संपादक तरूण तेजपाल द्वारा एक युवा महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न मामले से निपटने में हुई खामियों के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने सफाई दी और माफी भी मांगी ।
आज सुबह तहलका के पत्रकारों को लिखे अपने त्याग-पत्र में शोमा ने कहा कि उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया क्योंकि उन्हें महसूस हुआ कि उनकी निष्ठा के बारे में बार-बार सवाल किए जाने से पत्रिका की छवि धूमिल होगी । गौरतलब है कि तहलका और तेजपाल द्वारा स्थापित इससे जुड़ी कंपनियों में 45 साल की शोमा एक शेयरधारक हैं ।
शोमा ने कबूल किया कि वह अलग तरह से मामले से निपट सकती थी। उन्होंने यह कहते हुए मामले को दबाने के आरोप को खारिज कर दिया, पहले जो कदम उठाए गए उन्हें किसी भी तरह से मामले को दबाने की कोशिश नहीं कहा जा सकता। राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने दी गयी सफाई में शोमा ने पीडिम्त पत्रकार द्वारा उनसे शिकायत करने के बाद हुए घटनाक्रमों की जानकारी दी।
शोमा ने कहा, यह आलोचना कि मैंने सही तरीके से कार्रवाई नहीं की और स्थिति के हिसाब से कदम नहीं उठाए, मैं उसे स्वीकार करती हूं और उसके लिए मैंने माफी मांगी है । पर मैं सब को यह भी याद दिलाना चाहूंगी कि मीडिया द्वारा पूरे मामले को तूल दिए जाने से पहले मेरे पास सिर्फ डेढ़ दिन का वक्त था । शोमा ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से पूरा सहयोग किया है और उन्हें वे सारी बातें बतायी गयी हैं जो वे जानना चाहते थे।
तहलका यौन उत्पीड़न मामले को दबाने के आरोप का सामना कर रही वरिष्ठ पत्रकार शोमा चौधरी ने साप्ताहिक पत्रिका के प्रबंध संपादक पद से आज इस्तीफा दे दिया । शोमा ने तहलका के संपादक तरूण तेजपाल द्वारा एक युवा महिला पत्रकार के यौन उत्पीड़न मामले से निपटने में हुई खामियों के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने सफाई दी और माफी भी मांगी ।
आज सुबह तहलका के पत्रकारों को लिखे अपने त्याग-पत्र में शोमा ने कहा कि उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया क्योंकि उन्हें महसूस हुआ कि उनकी निष्ठा के बारे में बार-बार सवाल किए जाने से पत्रिका की छवि धूमिल होगी । गौरतलब है कि तहलका और तेजपाल द्वारा स्थापित इससे जुड़ी कंपनियों में 45 साल की शोमा एक शेयरधारक हैं ।
शोमा ने कबूल किया कि वह अलग तरह से मामले से निपट सकती थी। उन्होंने यह कहते हुए मामले को दबाने के आरोप को खारिज कर दिया, पहले जो कदम उठाए गए उन्हें किसी भी तरह से मामले को दबाने की कोशिश नहीं कहा जा सकता। राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने दी गयी सफाई में शोमा ने पीडिम्त पत्रकार द्वारा उनसे शिकायत करने के बाद हुए घटनाक्रमों की जानकारी दी।
शोमा ने कहा, यह आलोचना कि मैंने सही तरीके से कार्रवाई नहीं की और स्थिति के हिसाब से कदम नहीं उठाए, मैं उसे स्वीकार करती हूं और उसके लिए मैंने माफी मांगी है । पर मैं सब को यह भी याद दिलाना चाहूंगी कि मीडिया द्वारा पूरे मामले को तूल दिए जाने से पहले मेरे पास सिर्फ डेढ़ दिन का वक्त था । शोमा ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से पूरा सहयोग किया है और उन्हें वे सारी बातें बतायी गयी हैं जो वे जानना चाहते थे।
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