साहिबाबाद, अजय शर्मा
साहिबाबाद के शालीमार गार्डन निवासी चिरंजीवी लाल ने अपने पुत्र की संदिग्ध मौत जिसे आत्महत्या का नाम देकर तफ्तीश की गई, उसमें साहिबाबाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगया है। मृतक के पिता के मुताबिक यदि पुलिस सही ढंग से जांच करती तो परिणाम अवश्य निकलता। चिरंजीवी लाल ने अपनी एफआईआर में डीएवी स्कूल ब्रिज विहार और मृतक के स्थानीय जानकार व्यक्ति ओमकेश्वर त्यागी पर आरोप
लगाते हुए जांच की मांग की थी लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। मृतक के पिता ने डीएवी स्कूल ब्रिज विहार पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल ने मेरे बच्चे को इतना प्रताडि़त किया कि उसने आत्महत्या जैसा शायद कदम उठा लिया।
इस केस के आई ओ रहे हिंडन पुल चौकी इंचार्ज दिलीप कुमार ने उस वक्त एक मुलाकात में कहा था कि पुलिस सिर्फ आरोपों की जांच करती है न कि उसका काम सामाजिक कारण ढूंढने का है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सभी आरोपियों से जांच पड़ताल कर ली है। तो उन्होंने कहा था कि अभी नहीं।
चिरंजीवी लाल के मुताबिक घटना स्थल पर कुछ तथ्य ऐसे थे जिनकी पुलिस ने अनदेखी की। जो निम्न बिंदुवार हैं---
1 जब मेरे बच्चे को पंखे से उतारा गया तो पंखे की मोटर चल रही थी।
2 मेरे बच्चे का कद लगभग 6 फुट था और कमरे की उंचाई ज्यादा नहीं थी इसलिए उसे सिलेंडर पर चढ़कर फांसी के फंदे पर झूलने की आवश्यकता नहीं थी।
3 कमरे की बालकनी की खिड़की खुली हुई थी जिससे यह अंदेशा होता है कि वहां से कोई आ या जा सकता है। क्योंकि यह सड़क पर खुलती है जिससे कोई भी कूद कर भाग सकता है।
इस मामले पर सीओ बार्डर अरविंद यादव ने कहा है कि इस केस में कुछ नहीं पाया गया है। इसलिए इस पर एफआर लगा दी गई है। वहीं पिता ने कहा है कि मेरे पास कुछ खोने के लिए कुछ नहीं बचा है। मैं इस लड़ाई को नीतीश कटारा की मां की तरह लडूंगा और दोषियों को सजा दिलवा कर रहूंगा।
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