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गुमनामी का सितारा राज किरण

कुछ दिन पहले एक खबर पढ़ने के लिए मिली कि ऋषि कपूर ने गुमनामी के अंधरे में खो चुके अभिनेता राज किरण को ढूंढने में सफलता हासिल की है। आज इस बात को मालूम चले काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन राज किरण के बारे में कोई नया अपडेट सुनने और पढ़ने के लिए नहीं मिला।

जब भी राज किरण का नाम सुनता हूं तो बरबस उनकी आंखे और घुंघराले बालों वाला चेहरा सामने घूम जाता है। राज किरण की फिल्मों में कर्ज, सौतेला पति, घर हो  तो ऐसा, वारिस और अर्थ में निभाए किरदार याद आ जाते हैं।

हो सकता है आज के युवाओं ने राज किरण का नाम न सुना हो। लेकिन उन पर फिल्माए कुछ गाने जरुर गुनगनाए होंगे। मुझे पूरा यकीन है कि फिल्म ' अर्थ ' में शबाना आजमी और उन पर फिल्माया गया गाना -' तुम इतना जो मुस्करा रहे हो ...' गुनगुनाया जरूर होगा।



मुझे अभी तक राज किरण की फिल्म हिप हिप हुर्रे याद है जो मैंने कभी टेलीविजन पर देखी थी। फिल्म मन को छू गई थी। उस वक्त अनिल कपूर और राज किरण में काफी समानताएं आंकी जाती थी। दोनों लुक्स में भी लगभग समान ही थे। राज ने एक - दो फिल्मों में अनिल कपूर के भाई का किरदार भी निभाया। यही वह दौर था जब अचानक से राज किरण बॉलीवुड से गायब हो गए और लगभग एक दशक बाद ऋषि कपूर ने खबर दी कि उन्होंने राज को ढूंढ लिया है और वह मरे नहीं है बल्कि जिंदा हैं। फिल्म इंडस्ट्री में इस बात की अफवाह थी कि राज किरण की मौत हो चुकी है। लेकिन राज किरण के दोस्त ऋषि कपूर और दीप्ति नवल इस खबर पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे। दीप्ति नवल ने पिछले दिनों फेसबुक पर भी अपने दोस्त राज किरण को खोजने के लिए एक स्टेटस पोस्ट किया था। राज किरण को खोजने में सफलता पाई ऋषि कपूर ने।



एक फिल्म की शूटिंग के लिए अमेरिका गए चिंटू जी को राज किरण के भाई गोविंद मेहतानी ने बताया कि राज किरण की दिमागी हालत ठीक न होने की वजह से वह दो दशक से अटलांटा के मेंटल हॉस्पिटल में रह रहे हैं। वहां पर वह अपना खर्चा खुद उठाते हैं।



ऋषि कपूर ने कहा कि यह बहुत हृदय विदारक है कि एक जमाने में इतने सफल रहे अभिनेता को अपने इलाज के खर्चे के लिए वहीं इंस्ट्टियूट में मजदूरी भी करनी पड़ती है। हालांकि, ऋषि को यह खबर सुनकर बहुत राहत मिली है कि उनका दोस्त अभी जिंदा है।


इधर राज किरण के जीवित होने की खबरों के बीच फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें इंडिया वापस लाने की डिमांड तेज हो गई है। डायरेक्टर सुभाष घई, महेश भट्ट ने कहा कि

अगर राज किरण को वापस लाने की कोशिश की जाती है तो वह इस कोशिश का हिस्सा बनने में खुशी महसूस करेंगे।


लेकिन इस सभी के बीच सोचने वाली बात यह है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ राज किरण के साथ कि वह मेंटल हॉस्पिटल में रह रहे हैं। जिस भाई ने यह खबर दी कि वह कहां हैं। उसने भी राज की देखभाल क्यों नहीं की।

बताया जाता है कि पत्नी और बेटा राज को छोड़कर चले गए और वह इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए। पारिवारिक जीवन में आए दूसरे संकटों की वजह से भी राज डिप्रेशन में चले गए। परिवार के लोगों ने भी राज की देखभाल नहीं की, शायद इसकी वजह उनका महंगा इलाज था।

दो दशक तक बॉलिवुड में काफी सफल हीरो के रूप में पहचान बनाने वाले राज किरण ने कागज की नाव, घर हो तो ऐसा, घर एक मंदिर , कर्ज , वारिस और अर्थ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है।

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