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बदलाव या कुछ और

समलैंगिकता का मामला आदोलन का रुप लेता जा रहा है। यह भारतीय संस्कृति में बदलाव की हवा है या फिर उसके साहसिक और मुखर होने का मामला है। वैसे यह बहुत ही हिम्मतभरा कदम है ऐसे संबधों को खुलकर सामाजिक मंच पर अपनाना। मेरा मानना है समलैंगिकता बहस का मामला नहीं है। बल्कि यह व्यक्तिगत साहस का मामला है। ऐसे संबध पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। इसमें नया कुछ भी नहीं है। अगर नया कुछ है तो वह ...

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कप हमारा है

आज काफी दिनों के बाद लिखने का मौका मिल रहा है । पिछले दो महीनों से मैं बहुत फंसा हुआ हूं जिदंगी अलग अलग तरह के रंगों को दिखा रही है। अब मैने डिसाईड किया है। कि मैं डेली लिखा करूंगा।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिंदुत्व का कार्ड वर्सेस समाजवादी विकास कार्ड

अजय शर्मा वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश की सियासत में मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि और शाही मस्जिद को लेकर केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट के ऊपर संभल के सांसद और सपा नेता रहमान के बयान ने सियासी तड़का लगा दिया है.  सहारनपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह मैं अपनी रैली में जो कहा है वह अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि सहारनपुर में शाकुंभरी देवी के नाम पर विश्वविद्यालय बनेगा।  इससे उत्तर प्रदेश की सियासत में ध्रुवीकरण की संभावनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई है केशव प्रसाद मौर्य अपने बयान पर कायम है बीजेपी के प्रवक्ता हिंदुत्व और विकास की राजनीति की बात कर रहे हैं जिससे यह साफ हो गया है कि अब उत्तर प्रदेश की सियासत में कृष्ण जन्मभूमि ही चुनावी मुद्दा रहेगा.  आपको मैं यहां पर बता दूं जब पीवी नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे उस वक्त की सरकार ने वरशिप एक्ट 1991 मैं पास किया था। साल 1991 में रामजन्मभूमि आंदोलन चरम पर था. उस दौरान अयोध्या के साथ ही तमाम मंदिर-मस्जिद विवाद उठने लगे थे. ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की स...

बदहाल साहिबाबाद रेलवे स्टेशन

साहिबाबाद रेलवे स्टेशन दिल्ली के नजदीक होने के कारण काफी व्यस्त रहता है। यहां 98 पैंसेजर ट्रेन और 16 एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज़ हैं। जिनसे लगभग 50 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। यही रेलवे स्टेशन अनियमिताओं का शिकार है। पूरे परिसर में गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात है। बंदरों के आतंक से भी यह स्टेशन अछूता नहीं है। टिकट खिड़की परिसर में लगी हुई दोनों एटीवीएम मशीनें महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इस परिसर में तीन टिकट खिड़की हैं और एक पूछताछ कार्यालय है। जिसमें से अक्सर दो बंद ही रहती हैं। जिसके चलते यात्रियों को होने वाली असुविधाओं के बारे में जब स्टेशन मास्टर नरेश मलिक से बात की गई तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपना दामन बचाने की कोशिश की। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन मास्टर नरेश मलिक ने बताया कि कर्मचारियों की कमी हैं। मैं उनसे कहां तक काम करवाउं। पेयजल की बाधित व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यह इंजीनियरिंग विभाग का काम है। इसके बारे में आप इस विभाग से बात करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विभाग आपके आदेश के अधीन नहीं हैं तो उन्होंने चुप्पी साध ली। रेलवे स्टेशन पर ...