भारत में इस बार के लोकसभा चुनाव के सहज रूप से संपन्न होने और शांतिपूर्ण ढंग से सत्ता के हस्तानांतरण की दुनिया भर में तारीफ हुई, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस चुनाव की शांतिपूर्ण ढंग से प्रभावी योजना बनाने का सिलसिला 18 महीने पहले ही आरंभ हो गया था। साल 2014 में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की लोकसभा की 543 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में कुल 83.05 करोड़ मतदाता, 900,000 मतदान केंद्र, 8,000 उम्मीदवार थे। इसमें जिस बड़े पैमाने व्यक्तियों और मशीन का इस्तेमाल हुआ उसके बारे में दुनिया में कहीं और कल्पना भी नहीं की जा सकती। चुनाव आयोग के एक शीर्ष सूत्र ने कहा, निश्चित तौर पर यह परिचालनगत उपलब्धि है। इस बड़े अभ्यास की योजना 18 महीने से अधिक समय पहले ही शुरू हो गई थी और चुनाव आयोग के नेतत्व ने बिना किसी गड़बड़ी के प्रभावी, शांतिपूर्ण और उच्च गुणवत्ता वाला चुनाव कराने का पर ध्यान केंद्रित किया। 543 लोकसभा सीटों पर चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरे देश में 669,000 चुनाव अधिकारियों की तैनाती की गई। सूत्र ने कहा, अपनी प्रभावशीलता को लेकर इस चुनाव की सराहना की जा रही है, इसे उसी नौकरशाही ने संपन्न कराया जिस...