कुछ सालों से समूचे विश्व को महिलाओं की बढ़ती शाक्ति ने प्रभावित किया है। महिलाएं तमाम नए-नए पेशों में अपनी उपस्थित दर्ज कर चुकी हैं और इससे उनमें आत्मविश्वास का भी काफी इजाफा हुआ। इस शाक्ति ने जहां उन्हें समाज में एक नया मुकाम दिलाया है वहीं इस वर्क प्रेशर के चलते उनमें सिगरेट और शराब की लत को भी बढ़ाया है। नशे की लत कभी तो वर्क प्रशेर को कम करने में सहायक हुई लेकिन ज्यादातर इस लत ने महिलाओं को नई पीढ़ी की माडर्न महिला का खिताब दिया। भारत में भी महिलाओं ने आईटी, बैकिंग, बीपीओ और मीडिया जैसे क्षेत्रों में अपनी एक पेंठ बना ली है। लेकिन इस न्यू जेनरेशन की वूमेन के तमगे को कायम रखने के लिए कुछ महिलाओं ने स्मोकिंग और ड्रिंक जैसी आदतों को निरविरोध अपना लिया है। अब डिस्को में थिरकते कदम, हाथ में छलकता जाम और होठों के बीच दबी सिगरेट सिर्फ अमीर महिला की नहीं बल्कि बेहद मार्डन समझी जाने वाली महिला की छवि को पेश करते हैं। स्मोकिंग करना और अल्होकल का सेवन करना आज माडर्न समझी जाने वाली महिलाओं के लिए फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। पहले के समय में देखा जाता था कि वही महिलाएं नशे से दोस्ती करती थी जो...