साथियों कोरोना महामारी ने अपने चिकित्सा तंत्र और उसको लेकर सिस्टम की गंभीरता को पूरी दुनिया के सामने खोल कर रख दिया है हम सभी जानते हैं कि हम चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सीमित संसाधनों के साथ जीवन जीने की कोशिश करते चले आ रहे हैं इसके ऊपर आजादी के बाद से लेकर अब तक उतना काम नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था हां काम कुछ अलग ही विषयों पर हुआ है जैसे कि जात बिरादरी पर हुआ है, तेरा धर्म-उसका धर्म हुआ है और अन्य फिजूल के सामाजिक संगठनों के गठन पर हुआ है, जिनका उद्देश्य सिर्फ अपना राजनीतिक हित साधना रहा है. जिसकी वजह से समाज के लिए जो होना चाहिए था वह पूरी तरह से नहीं हो पाया. आज हम अपने समाज को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. मेरा मानना है अब यह एक ऐसा वक्त है जब हमें चिकित्सा के क्षेत्र में भी क्रांति की आवश्यकता है हमने जय जवान जय किसान भी देखा, हमने दूध की क्रांति भी देखी, हमने अलग क्षेत्रों में कुछ क्रांतियां देखी है लेकिन अब हमें चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति की आवश्यकता है क्योंकि आने वाला समय वायरस जनित बीमारियों का है इसलिए क्रांति का अ...