आर्थिक रुप से कमजोर सवर्णों को भी आरक्षण चलिए देर से ही सही...देश में अब इस विषय पर बहस छिड़ गई है कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को भी आरक्षण मिलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री और दलित नेता रामविलास पासवान भी उन लोगों में शामिल हो गए हैं जिनका मानना है कि आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर ऊंची जातियों के लोगों को भी मिलना चाहिए। रामविलास पासवान की माने तो उन्हें 15 फीसदी आरक्षण देना चाहिए। पासवान ने साफ-साफ कहा कि अगर सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हो जाएं तो इसे लागू करने में कोई परेशानी नहीं होगी। पासवान से जब पूछा गया कि आखिर 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण कैसे संभव है तो उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 69 फीसदी आरक्षण है आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने की वकालत सिर्फ पासवान ने ही नहीं मोदी सरकार के मंत्री रामदास अठावले ने भी की है। रामदास अठावले तो उनके लिए 25 फीसदी आरक्षण देने की बात कह रहे हैं। अठावले का कहना है कि मौजूदा आरक्षण की सीमा को 50 से बढ़ाकर 75 फीसदी कर देना चाहिए और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को सरकार का साथ देना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर ...