बीजेपी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी एक बार फिर से 11 अक्टूबर को रथ यात्रा पर निकल रहे हैं। यह रथ यात्रा बीजेपी सिताब दियारा से जेपी की जयंती के मौके पर भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू करेगी। इस बार यह बहुत ही चर्चा का विषय है। बीजेपी में भी इस पर घमासान मचा हुआ है। लेकिन इस बार रथयात्रा के महारथी आडवाणी अन्ना हजारे और रामदेव की वजह से भ्रष्टाचार के खिलाफ जो माहौल बना है उसे भुना लेना चाहते हैं और बीजेपी की खोती साख की लाज बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। आडवाणी की रथयात्रा को पार्टी व्यापक बनाने में जुट गई है। कोर ग्रुप की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अनंत कुमार, बाल आप्टे समेत कई नेताओं ने योजना को तराशने की कोशिश की। पहले इस यात्रा को महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर पर निकाले जाने पर विचार हो रहा था। लेकिन 11 अक्टूबर पर ही सहमति बनी। 41 दिन तक चलने वाली आडवाणी की रथयात्रा 20 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली के साथ पूरी होगी। 21 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने की उम्मीद है। उससे ठीक पहले भाजपा केंद्र की संप्रग सरकार को कठघरे में खड़ा करने की ...