लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में देश का कोई भी शहर या गांव अछूता नहीं रह गया है। ये कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। चाहे घर के अंदर हो या बाहर । अगर हम बात करें देश के मेट्रो शहरों के बारे में तो वे सबसे ज्यादा यहीं असुरक्षित हैं। राजधानी दिल्ली की तो बात ही मत कीजिए जनाब। यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामले में इस शहर ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। सपनों का शहर दिल्ली आज सबसे अधिक डरावना है। हर लड़की के चेहरे पर डर और आतंक की झलक साफ देखी जा सकती है। लड़कियों के साथ बढ़ती इन घटनाओं ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्या वजह है, पुरुष लड़कियों को देखते ही अपना व्यवहार बदल लेता है। पिछले दो दशकों में बलात्कार और यौन उत्पीड़न की घटनाओं में बेताहाशा बढोत्तरी हुई है। इस तरह के मामलों में क्या आम और क्या खास। लगभग हर तबके के लोगों का नाम सामने आया है। लड़कियों को देखते ही उसकी आंखों और व्यवहार में कामुकता आ जाना मामूली बात सी हो गई है। इस सब के पीछे है जो वजह नजर आती है वह है पुरुष का बीमार नजरिया। जहां तक लगता है आदमी महिलाओं का आर्थिकरुप से मजबूत और आजाद होना बर्दाश्त नहीं कर पा रह...